डीजे की धुन पर जयकारे लगाते पहुंचे श्रद्धालु, ससुर खदेरी नदी तट पर नहीं दिखी प्रशासनिक व्यवस्था
खखरेरू/स्मार्ट हलचल|फतेहपुर शारदीय नवरात्र के समापन और विजयादशमी के अवसर पर मंगलवार को क्षेत्र में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। नौ दिनों तक पूजा पंडालों और घरों में विराजमान रहीं मां दुर्गा को श्रद्धालुओं ने नम आंखों से विदाई दी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस वर्ष दुर्गा प्रतिमा विसर्जन का मुहूर्त दोपहर 1:14 बजे से 3:30 बजे तक रहा। इसके चलते दोपहर बाद से ही गांवों के तालाबों और गेरिया गांव के पास स्थित ससुर खदेरी नदी में प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया।
विसर्जन से पहले सुबह से ही पूजा पंडालों में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद प्रतिमाओं को ट्रैक्टरों पर रखकर डीजे की धुन के साथ गांवों और कस्बों में भ्रमण कराया गया। इस दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा के जयकारे लगाते हुए विसर्जन स्थलों तक पहुंचे। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल रहा। विसर्जन के समय श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और उन्होंने अगले वर्ष मां के फिर आगमन की कामना की।
*कई गांवों की प्रतिमाएं पहुंचीं ससुर खदेरी नदी*
क्षेत्र के गेरिया, छीमी, चिरईगांव, सुखनापुर, ऊकाथू, नेवतनापुर, रोहेल्लापुर, टिकरी, काशी और काहीं समेत कई गांवों की दुर्गा प्रतिमाएं गेरिया गांव के पास स्थित ससुर खदेरी नदी तट पर पहुंचीं। वहीं, कुछ गांवों की प्रतिमाओं का विसर्जन गांवों के किनारे बनाए गए कृत्रिम तालाबों में किया गया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से प्रतिमाओं का विसर्जन कर मां दुर्गा से परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
ससुर खदेरी नदी तट पर प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था नजर नहीं आने से सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठे। श्रद्धालु नदी में प्रतिमाओं का विसर्जन करते रहे और स्नान के बाद अपने घरों को लौट गए। विसर्जन के दौरान नदी तट पर सुरक्षा के लिए प्रशासन की ओर से कोई विशेष इंतजाम दिखाई नहीं दिए।