सादुलपुर में जन-आक्रोश: लापता युवती की बरामदगी की मांग पर हमीरवास थाने का घेराव, पुलिस के बलप्रयोग से बिगड़े हालात

( बजरंग आचार्य )

हमीरवास थाने के घेराव के दौरान बढ़ा तनाव, पूर्व विधायक कृष्णा पूनिया धरने पर बैठीं, पूर्व सांसद कस्वां ने कार्रवाई की मांग की

​सादुलपुर (चूरू) :-  स्मार्ट हलचल|तहसील के कानावासी गांव से लापता हुई एक युवती की बरामदगी की मांग को लेकर हमीरवास पुलिस थाने पर चल रहा विरोध-प्रदर्शन सोमवार को अचानक हिंसक मोड़ ले गया। पिछले पांच दिनों से शांतिपूर्ण धरने पर बैठे परिजनों और ग्रामीणों ने जब पुलिस थाने का घेराव करने का प्रयास किया, तो पुलिस बल द्वारा किए गए लाठीचार्ज में लापता बालिका के माता-पिता सहित कई ग्रामीण और प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
​घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक डॉ. कृष्णा पूनिया और पूर्व सांसद राम सिंह कस्वां मौके पर पहुंचे। पूर्व विधायक पूनिया ने राज्य सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए इसे किसान और आमजन पर अत्याचार बताया। उन्होंने चूरू पुलिस अधीक्षक से दूरभाष पर वार्ता कर पूरे मामले की शिकायत की और विरोधस्वरूप खुद थाने के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गईं। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच भारी नोकझोंक देखने को मिली। वहीं पूर्व सांसद राम सिंह कस्वां ने पुलिस की इस कार्रवाई को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उच्च स्तर पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
​युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष रोहित पूनिया के अनुसार, ग्रामीण केवल नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में थाने के मुख्य गेट की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान पुलिस प्रशासन ने वार्ता का मार्ग अपनाने के बजाय अचानक लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें महिलाओं के साथ भी अभद्रता और मारपीट की गई।
​लाठीचार्ज में ये लोग हुए घायल
पुलिस के बलप्रयोग में लापता युवती के माता-पिता के अलावा युवा कांग्रेस अध्यक्ष रोहित पूनिया, राशिद खान, अजीत पूनिया, सोनू, नवीन काजला, रामकिशन काजला, अनीता देवी, रामकिशन सहारण, मनीष काजला, मिश्रो देवी और संतोष देवी प्रमुख रूप से चोटिल हुए हैं।
​समाचार लिखे जाने तक कानावासी गांव के ग्रामीणों और परिजनों का धरना-प्रदर्शन लगातार जारी था, और पूर्व विधायक डॉ. कृष्णा पूनिया भी मौके पर डटी हुई थीं। स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।