गुरला के कैलाशपुरी वाले रास्ते मोलिया मगरी के पास में दिखा 9 फीट का अजगर, मचा हड़कंप

सूचना मिलते ही वन विभाग और नागरिक सुरक्षा टीम ने किया रेस्क्यू, सुरक्षित जंगल में छोड़ा
*”वन्यजीव को न मारें, तुरंत सूचना दें” – वन्यजीव रक्षक नारायण लाल बैरवा*

गुरला:-स्मार्ट हलचल|नेशनल हाईवे 758 स्थित गुरला गांव के पास कैलाशपुरी वाले रास्ते पर बुधवार रात उस समय हड़कंप मच गया जब गांव की मुख्य सड़क पर एक विशालकाय अजगर दिखाई दिया। अजगर को देखकर आने जाने वाले में भगदड़ मच गई।

*15 मिनट में पहुंची रेस्क्यू टीम*
ग्रामीणों ने बिना देरी किए वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही *वनपाल चंद्रपाल सिंह राणावत* के निर्देश पर *नागरिक सुरक्षा विभाग के स्वयंसेवक वन्यजीव रक्षक नारायण लाल बैरवा* और उनकी टीम तुरंत मौके पर पहुंची।

टीम ने देखा कि 9 फीट लंबा अजगर सड़क के पास झाड़ियों में छिपा बैठा था। टीम ने बेहद सावधानी और तकनीकी कौशल के साथ अजगर को सुरक्षित बाहर निकाला।

*सुरक्षित जंगल में किया रिलीज*
नागरिक सुरक्षा विभाग की टीम ने अजगर को अपने कब्जे में लेकर उसे *वन विभाग के अधिकारियों की देखरेख में नजदीकी सुरक्षित वन क्षेत्र* में ले जाकर छोड़ दिया। रेस्क्यू के दौरान किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

*ग्रामीणों को किया जागरूक*
रेस्क्यू के बाद *वन्यजीव रक्षक नारायण लाल बैरवा* ने मौके पर जमा ग्रामीणों को वन्यजीव संरक्षण के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने अपील की _”अगर कहीं भी अजगर या कोई जंगली जानवर दिखाई दे तो उसे मारें नहीं। तुरंत वन विभाग को सूचना दें। वन्यजीव हमारे पर्यावरण का अभिन्न अंग हैं और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनका संरक्षण करना हम सभी का नैतिक दायित्व है।”_

*भारतीय रॉक पाइथन के बारे में*
नारायण लाल बैरवा ने बताया कि यह *’भारतीय रॉक पाइथन’* प्रजाति का अजगर था। यह विशालकाय और विषहीन होता है। इसकी लंबाई 20 फीट तक हो सकती है। यह प्रजाति *भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1* के तहत पूरी तरह संरक्षित है।

वन विभाग की तत्परता से ग्रामीणों का डर भी खत्म हुआ और सभी ने राहत की सांस ली *पुष्पेंद्र सुवालका* ने बताया “रात करीब 9 बजे हम गुरला से घर सड़क से गुजर रहे थे तभी नाली में कुछ हलचल दिखी। पास जाकर देखा तो 9 फीट का अजगर था। हम डर गए लेकिन किसी ने उसे मारने की कोशिश नहीं की। सीधे वन विभाग को फोन किया। 15 मिनट में टीम आ गई और सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। इस सफल रेस्क्यू अभियान में *नागरिक सुरक्षा विभाग के स्वयंसेवक नारायण लाल बैरवा* और ग्रामीणों के सहयोग से अहम भूमिका निभाई। *पुष्पेंद्र सुवालका, रौनक सवालका, सांवरिया, सूरज, सुरेश, करण, देवराज, योगेश, सुनील, शंकर, पीयूष* जैसे जागरूक ग्रामीणों की वजह से एक अनहोनी टल गई। रेस्क्यू के बाद वन्यजीव रक्षक नारायण लाल बैरवा ने सभी को वन्यजीव संरक्षण की शपथ भी दिलाई।