राजस्थान में सरकार दोबारा जमीनों के सरकारी रेट बढ़ाने की तैयारी में,महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री पर शुल्क 7.5%छूट

स्मार्ट हलचल|डीएलसी बढी तो प्रॉपर्टी महंगी होने के संकेत राजस्थान में जमीन, फ्लैट और मकान खरीदने वालों को जल्द एक और बड़ा झटका लग सकता है। अप्रैल में 10 फीसदी डीएलसी रेट बढ़ाने के बाद अब सरकार दोबारा जमीनों के सरकारी रेट बढ़ाने की तैयारी में है। वित्त विभाग ने सभी जिला कलेक्टर्स को पत्र भेजकर डीएलसी समितियों की बैठक बुलाने और जमीनों की मौजूदा बाजार कीमतों का नया आकलन करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मानना है कि प्रदेश में कई जगहों पर जमीनों की वास्तविक बाजार कीमतें मौजूदा डीएलसी दरों से काफी ज्यादा हो चुकी हैं। खासकर नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास जमीनों के दाम तेजी से बढ़े हैं। ऐसे में अब डीएलसी दरों को बाजार भाव के करीब लाने की तैयारी चल रही है। अगर नई दरें लागू होती हैं तो आम आदमी के लिए जमीन, मकान या फ्लैट की रजिस्ट्री कराना और महंगा पड़ सकता है। क्योंकि डीएलसी बढ़ते ही स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन खर्च भी बढ़ जाते हैं। वित्त विभाग ने कलक्टर्स को ये दिए निर्देश -जानिक जून के तीसरे सप्ताह से पहले जिला स्तरीय समिति की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित करें। -प्रस्तावित दरों का परीक्षण कर उन्हें वास्तविक बाजार मूल्य के करीब लाया जाए। -प्रस्तावों की पूर्व जांच के बाद ही समिति के समक्ष अनुमोदन के लिए रखा जाए। -स्थानीय बाजार परिस्थितियों, विकास गतिविधियों और राजस्व हितों को ध्यान में रखकर व्यावहारिक और तर्कसंगत दरें तय की जाएं। कलक्टर्स को जून माह में डीएलसी की बैठक के निर्देश। वित्त विभाग ने जून के तीसरे सप्ताह तक सभी जिलों में डीएलसी समिति की बैठकें करवाने को कहा है। इन बैठकों में कृषि, आवासीय और कॉमर्शियल जमीनों की नई दरों पर चर्चा होगी। पत्र लिखने के बाद सब रजिस्ट्रार ऑफिस ने नई दरो को लेकर प्रस्ताव तैयार करना शुरू कर दिया हैं…..जयपुर में तो पिछले ढाई साल में डीएलसी दरें लगातार बढ़ती रही हैं। भजनलाल सरकार आने के बाद राजधानी में अब तक तीन बार डीएलसी बढ़ चुकी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी वर्ष डीएलसी की बैठक नहीं होती है तो प्रचलित दरों में स्वतः 10 प्रतिशत वृद्धि लागू हो जाती है। साल 2023 में नई भजनलाल सरकार आने के बाद राजधानी जयपुर में डीएलसी की दरें 3 बार बढ़ चुकी है। 1 अप्रैल 2024 में सरकार ने 10 फीसदी की दरें बढ़ाई थी। इसके बाद दिसंबर 2024 में फिर से सरकार ने 10 से 30 फीसदी तक दरें बढ़ाई। इसके बाद अप्रैल 2026 में सरकार ने फिर से 10 फीसदी की बढ़ोतरी की। जानिए कब कब बढी डीएलसी दरें अप्रैल-2022 में दस फीसदी अप्रैल-2023 में दस फीसदी अप्रैल-2024 में दस फीसदी दिसम्बर-2024 में 10 से 30 फीसदी 2025 में भी डीएलसी की दरें बढाने के लिए प्रस्ताव मांगे लेकिन दरें नहीं बढ़ाई अप्रैल-2026 में दस प्रतिशत डीएलसी रेट बढ़ाई राजस्थान में जमीनों की डीएलसी दरों में संभावित बढ़ोतरी से आम आदमी की जेब पर फिर असर पड़ सकता है…सरकार बाजार भाव के करीब सरकारी रेट लाने की तैयारी में है…लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या लगातार बढ़ती डीएलसी से प्रॉपर्टी खरीदना मध्य वर्ग के लिए और मुश्किल हो जाएगा…या फिर सरकार को इससे राजस्व बढ़ाने में फायदा मिलेगा…फिलहाल जून में होने वाली डीएलसी समितियों की बैठकों पर सबकी नजर टिकी है。

डीएलसी रेट क्या है?

  • डीएलसी रेट वह न्यूनतम मूल्य है जिस पर संपत्ति का पंजीकरण किया जाता है।
  • इसी दर के आधार पर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क तय होते हैं।
  • दरें बढ़ने से खरीदारों को अधिक राशि चुकानी होगी और सरकार का राजस्व बढ़ेगा।

शहरी क्षेत्रों में बदलाव

  • 5%–15% तक वृद्धि
  • अब रजिस्ट्री वर्ग गज के बजाय वर्ग मीटर में होगी।
  • जयपुर, सीकर रोड और जगतपुरा जैसे इलाकों में दरें सबसे ज्यादा बढ़ी हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव

  • 50% तक वृद्धि
  • कृषि भूमि की रजिस्ट्री अब बीघा के बजाय हेक्टेयर में होगी।
  • सिंचित भूमि की दरों में भी भारी इजाफा किया गया है।

महिलाओं को रियायत

  • महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री पर शुल्क 7.5% (5% स्टांप ड्यूटी + 1% रजिस्ट्रेशन शुल्क + 30% सरचार्ज)।
  • पुरुषों के लिए यह शुल्क 8.8% है।
  • उदाहरण: 50 लाख रुपये की संपत्ति पर पुरुषों को लगभग ₹66,000 अतिरिक्त देना होगा, जबकि महिलाओं को ₹56,250।

असर और कारण

  • सीधा असर: खरीदारों को अब अधिक रजिस्ट्री शुल्क देना होगा।
  • कारण:
    • तेजी से शहरीकरण और विकास
    • बाजार दरों और सरकारी दरों में सामंजस्य
    • सरकारी राजस्व बढ़ाना
  • इससे पहले अप्रैल 2023 में भी दरें 10% बढ़ाई गई थीं।

सारांश

राजस्थान में जमीन खरीदने वालों को अब ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। शहरी इलाकों में 15% तक और ग्रामीण इलाकों में 50% तक डीएलसी दरें बढ़ने से रजिस्ट्री महंगी हो गई है। महिलाओं को कुछ रियायत मिलेगी, लेकिन कुल मिलाकर संपत्ति खरीदना अब पहले से कहीं अधिक महंगा हो गया है।