मामूली नौकरी से करोड़पति बनने तक का सफर,राजस्थान के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले

राजस्थान के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा की गिरफ्तारी के बाद अब उनके करीबी सहयोगी को दिल्ली एयरपोर्ट से दबोच लिया गया है। माना जा रहा है कि यह गिरफ्तारी महेश जोशी से जुड़े राज़ खोल सकती है।

मामला क्या है?

  • JJM घोटाला: जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों रुपये की योजनाओं में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े के आरोप।
  • पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा: हाल ही में गिरफ्तार किए गए।
  • महेश जोशी: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री, जिन पर भी जांच एजेंसियों की नजर है।
  • नवीन गिरफ्तारी: दिल्ली एयरपोर्ट से गुढ़ा का ‘खास’ करीबी पकड़ा गया है, जो कथित तौर पर घोटाले की फाइलों और पैसों के लेन-देन से जुड़ा हुआ था।

जांच एजेंसियों की कार्रवाई

  • ईडी और एसीबी की संयुक्त टीम लगातार छापेमारी कर रही है।
  • कई फर्जी टेंडर और कंपनियों के नाम सामने आए हैं।
  • दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़े गए करीबी से पूछताछ में महेश जोशी की भूमिका पर रोशनी पड़ने की संभावना है।

राजनीतिक असर

  • कांग्रेस के भीतर यह मामला बड़ा सिरदर्द बन गया है।
  • विपक्ष इसे भ्रष्टाचार का सबूत बताकर सरकार पर हमला कर रहा है।
  • महेश जोशी के खिलाफ कार्रवाई हुई तो यह राजस्थान की राजनीति में बड़ा भूचाल ला सकती है।

मामूली नौकरी से करोड़पति बनने तक का सफर
ED सूत्रों के मुताबिक, संजय बड़ाया जयपुर के बनीपार्क इलाके का रहने वाला है. वर्ष 2022 तक वह मैसर्स मेरूलैंड्स इंश्योरेंस कंपनी में नौकरी करता था, जहां उसे सालाना करीब 7 लाख रुपये वेतन मिलता था. लेकिन जल जीवन मिशन से जुड़े कथित घोटाले के दौरान उसकी आर्थिक स्थिति तेजी से बदली. जांच एजेंसियों के अनुसार, कुछ ही वर्षों में वह करोड़पति बन गया और बिल्डर-डेवलपर के तौर पर अपनी पहचान बनाने लगा. इसी अचानक बढ़ी संपत्ति और कारोबारी विस्तार ने जांच एजेंसियों का ध्यान उसकी ओर खींचा.