जुरहरा में राम जन्म व ताड़का वध की लीला का हुआ मंचन

रेखचंद्र भारद्वाज

जुरहरा, जिला डीग: स्मार्ट हलचल|ऐतिहासिक नगरी कस्बा जुरहरा में चल रहे रामलीला महोत्सव के तहत शुक्रवार की रात्रि को स्थानीय कलाकारों के द्वारा श्री राम जन्म, सुबाहु-मारीच वध, ताड़का वध व अहिल्या के उद्धार की लीला का मंचन किया गया। श्री रामधुन की स्वर लहरी ‘श्रीराम चंद्र कृपाल भजु मन हरण भव भय दारुणम‌’ के साथ आरम्भ हुई रामलीला में महाराज दशरथ ऋषि वशिष्ठ को संतान न होने की बात बताते हैं जिस पर वशिष्ठ श्रृंगि ऋषि को बुलाकर पुत्रेष्ठि यज्ञ कराते हैं। जिसके बाद महाराज दशरथ की तीन रानियों पर राम-भरत-लक्ष्मण व शत्रुघ्न का जन्म होता है इसके बाद दशरथ दरबार में हिजड़ों का नृत्य, चारों राजकुमारों की गुरुकुल में पढ़ाई करने, दरबार मे
विश्वामित्र आगमन, ताड़का, सुबाहू-मारीच वध व अहिल्या उद्धार की लीला का मंचन किया गया। रामलीला में मारीच का अभिनय धर्मपाल प्रजापति, दशरथ का अभिनय अवधेश पाठक, सुबाहू का अभिनय शिवहरि पाराशर, ताड़का का अभिनय ईश्वर पाराशर, विश्वामित्र का अभिनय हिमांशु कौशिक, पृथ्वी रूपी गाय का अभिनय राहुल साहू, ऋषि वशिष्ट का अभिनय रोहताश शर्मा, अहिल्या का अभिनय लक्ष्मण अग्रवाल के द्वारा किया गया। भगवान राम के साथ पढ़ने वालों में शौर्य वशिष्ठ, विष्णु शर्मा, हिजड़ा पार्टी में अखिल वशिष्ठ, राहुल सैन व अशोक सोलंकी ने अपने अभिनय से उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।