बिजली कनेक्शन के नाम पर वसूली’ का आरोप: भ्रष्टाचार के खिलाफ संगठन ने मुख्यअधीक्षण अभियंता को सौंपा ज्ञापन

(महेन्द्र नागौरी)

भीलवाड़ा | स्मार्ट हलचल|विद्युत कनेक्शन जारी करने में कथित भ्रष्टाचार और सुविधा शुल्क वसूली के आरोपों को लेकर मंगलवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार पर्यावरण सुरक्षा एवं भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। संगठन ने जिला अध्यक्ष रतनलाल आचार्य के नेतृत्व में एवीवीएनएल के मुख्य अधीक्षण अभियंता ओमप्रकाश महला को ज्ञापन सौंपकर ग्रामीण क्षेत्र में बिजली कनेक्शन देने के नाम पर भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया।
ज्ञापन में बताया गया कि एवीवीएनएल ग्रामीण प्रथम के अंतर्गत आने वाले ग्राम जोधड़ास की एक निजी कॉलोनी में स्थाई विद्युत कनेक्शन जारी करने के बदले उपभोक्ताओं से 5 हजार से 10 हजार रुपए तक सुविधा शुल्क मांगा जा रहा है। आरोप है कि जो उपभोक्ता यह राशि देने में असमर्थ हैं, उन्हें कॉलोनी को “अन-इलेक्ट्रिफाइड” बताकर स्थाई कनेक्शन देने से इनकार किया जा रहा है।
पहले जारी किए स्थाई कनेक्शन, अब बता रहे अन-इलेक्ट्रिफाइड
संगठन ने ज्ञापन में दावा किया कि संबंधित कॉलोनी में विभाग पहले ही कई स्थाई बिजली कनेक्शन जारी कर चुका है। इसके प्रमाण स्वरूप संगठन ने के-नंबर, मीटर नंबर, बिजली बिल, कॉलोनी का नक्शा और भूखंड मालिकों के दस्तावेज भी विभाग को सौंपे।
साथ ही आरोप लगाया गया कि विभाग के लाइनमैन और कनिष्ठ अभियंता द्वारा उन उपभोक्ताओं की फाइलों में कॉलोनी को “अन-इलेक्ट्रिफाइड” दर्शाया जा रहा है, जिन्होंने कथित सुविधा शुल्क नहीं दिया।
‘5 हजार नहीं दिए तो कनेक्शन रोका’
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि कॉलोनी निवासी लाडू देवी पत्नी राकेश नायक ने स्थाई बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि विभाग के लाइनमैन ने उनसे 5 हजार रुपए सुविधा शुल्क मांगा। राशि देने में असमर्थता जताने पर कॉलोनी को “विद्युतीकृत नहीं” बताते हुए स्थाई कनेक्शन जारी नहीं किया गया।
मामले की जानकारी संगठन के जिला अध्यक्ष रतनलाल आचार्य को मिलने पर उन्होंने संबंधित सहायक अभियंता से संपर्क किया, लेकिन संगठन का आरोप है कि अधिकारियों ने भी विरोधाभासी जानकारी देते हुए एक ही कॉलोनी को अलग-अलग जगह “इलेक्ट्रिफाइड” और “अन-इलेक्ट्रिफाइड” बताया।
अस्थाई कनेक्शन देकर वसूली का आरोप
संगठन ने आरोप लगाया कि स्थाई कनेक्शन देने से इनकार कर उपभोक्ता को अस्थाई कनेक्शन जारी किया गया, जिसकी 13 हजार 750 रुपए की डिमांड राशि जमा करवाई गई, जबकि उसी कॉलोनी में पूर्व में स्थाई कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं।
दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में मांग की गई कि यदि कॉलोनी वास्तव में “अन-इलेक्ट्रिफाइड” थी, तो फिर वहां सरकारी धन खर्च कर बिजली पोल, तार और ट्रांसफार्मर लगाकर कनेक्शन कैसे जारी किए गए। संगठन ने आरोप लगाया कि इससे सरकार को लाखों रुपए की राजस्व हानि हुई है।
संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने, अविद्युतीकृत कॉलोनियों का नियमानुसार विद्युतीकरण कराने तथा निर्धारित समय सीमा में स्थाई कनेक्शन जारी करने के लिए सभी सहायक अभियंताओं और कनिष्ठ अभियंताओं को निर्देशित करने की मांग की।
कई पदाधिकारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बालूसिंह झाला, जिला संरक्षक छोटूलाल अटारिया, नानूराम माली, जिला महासचिव मुकेश सोनी, जिला उपाध्यक्ष महावीर सेन, युवा जिला अध्यक्ष अभिषेक जोशी, युवा जिला महासचिव रजत माथुर, सोनू धोबी, सुरेश सुथार, राकेश नायक, लाडू देवी नायक, कमलेश कुमार शर्मा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इस मामले में संगठन ने एक ज्ञापन भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) भीलवाड़ा को भी प्रेषित किया है ।