रमेश चंद्र डांड
पर्णकुटीर में प्रवेश कर एक पांव पर खड़े होकर करेंगे साधना, 11 अक्टूबर को नवरात्रि के प्रथम दिन होगा तपस्या का समापन
आकोला । स्मार्ट हलचल|मेवाड़ के प्राचीन कस्बे हमीरगढ़ के निकट सादी ग्राम स्थित श्री नीमड़ी वाले सगस जी महाराज एवं श्री नाकोड़ा भैरव धाम रविवार को भक्ति और आस्था से सराबोर रहा। यहां हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में तपस्वी पुजारी धनराज शर्मा ने विधि-विधान एवं धार्मिक अनुष्ठानों के बीच कठोर साधना के लिए पर्णकुटीर में प्रवेश किया। उनके पर्णकुटीर प्रवेश के साथ ही धाम में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष वातावरण देखने को मिला।तपस्या कार्यक्रम का शुभारंभ रविवार सुबह महाआरती के साथ हुआ। इसके बाद कन्या भोजन का आयोजन किया गया। सुबह 11 बजे आयोजित भजन गंगा कार्यक्रम में भजन गायक दिनेश पहुना ने गुरु भक्ति से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। भजनों के दौरान पूरा परिसर जयकारों और भक्तिमय वातावरण से गूंजता रहा।
इसके बाद दोपहर 1 बजे तपस्वी धनराज शर्मा का दसविधि स्नान कराया गया। धार्मिक अनुष्ठान अलख वेद गुरुकुल, पुठवाडिया के आचार्य गौ हितेश स्वामी महाराज एवं पंडित रविशंकर आचार्य के सानिध्य में संपन्न हुए। अनुष्ठान के पश्चात तपस्वी ने धाम स्थित विभिन्न देव स्थानों पर दर्शन किए और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया।
एक पांव पर खड़े होकर करेंगे साधना
दोपहर 3.15 बजे हजारों श्रद्धालुओं की साक्षी में धनराज शर्मा ने तपोभूमि पर्णकुटीर में प्रवेश कर कठोर साधना प्रारंभ की। आयोजकों के अनुसार साधना के दौरान वे एक पांव पर खड़े रहकर माला जाप करेंगे। प्रत्येक माला पूर्ण होने पर खोपरे का गोला, घी एवं शक्कर की हवन कुंड में आहुति दी जाएगी। तपस्वी की इस कठिन साधना को देखने और उनके दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंचे।
बताया गया कि इस वर्ष उनकी 39 दिवसीय साधना 3 सितंबर से प्रारंभ हुई थी। साधना के प्रारंभिक चरण में निर्धारित नियमों के अनुसार गंगाजल एवं गौमूत्र की अल्प मात्रा का सेवन किया गया। अब पर्णकुटीर में प्रवेश के बाद वे निर्धारित अवधि तक कठोर तप साधना करेंगे।
11 अक्टूबर को होगा साधना का समापन
आयोजकों के अनुसार तपस्वी धनराज शर्मा की साधना का समापन 11 अक्टूबर, अश्विन शुक्ल पक्ष की प्रथम तिथि यानी नवरात्रि के प्रथम दिन होगा। साधना पूर्ण होने के बाद वे पर्णकुटीर से बाहर आएंगे।
सादी ग्राम स्थित श्री नीमड़ी वाले सगस जी महाराज एवं श्री नाकोड़ा भैरव धाम में धनराज शर्मा द्वारा यह कठोर साधना छठी बार की जा रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार वे श्री नीमड़ी वाले सगस जी महाराज एवं श्री नाकोड़ा भैरव नाथ के आदेश और आशीर्वाद से प्रतिवर्ष यह साधना करते हैं।
छह वर्ष से जारी है साधना की परंपरा
बताया गया कि करीब छह वर्ष पूर्व 11 अक्टूबर को मंदिर प्रांगण में श्री नाकोड़ा भैरव की प्राण-प्रतिष्ठा हुई थी। इसके बाद से प्रत्येक वर्ष तपस्वी धनराज शर्मा द्वारा कठोर साधना की जा रही है। रविवार को पर्णकुटीर प्रवेश के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इस धार्मिक आयोजन को विशेष बना दिया। पूरे धाम में दिनभर भक्ति, आस्था और धार्मिक उल्लास का माहौल बना रहा।