आस्था, संस्कृति और एकता के रंगों में रंगा शाहपुरा, असू चेटीचंड पर बहराणा साहेब की शोभायात्रा निकाली

समाज गौरव सम्मान से विभूतियां नवाजीं, दो दर्जन बुजुर्गों का सम्मान; अखंड ज्योति विसर्जन के बाद भंडारा और डांडिया में उमड़ा उत्साह

शाहपुरा | मूलचन्द पेसवानी
स्मार्ट हलचल|भगवान झूलेलाल के प्रति अटूट आस्था, सिंधी संस्कृति की जीवंत परंपराएं और सामाजिक एकता का संदेश…। असू चेटीचंड महोत्सव पर शाहपुरा में पूज्य सिंधी पंचायत की ओर से आयोजित दिनभर के कार्यक्रमों में यही रंग नजर आए। धार्मिक अनुष्ठानों से लेकर बच्चों और महिलाओं की प्रतियोगिताओं, समाज की प्रतिभाओं के सम्मान और देर रात तक चले सांस्कृतिक आयोजनों ने महोत्सव को यादगार बना दिया। दिन का समापन पूज्य बहराणा साहेब की शोभायात्रा, अखंड ज्योति के जल विसर्जन, आम भंडारे और डांडिया-नृत्य के साथ हुआ।
पंचायत अध्यक्ष लीलाराम वासवानी और सचिव नरेश लखपतानी की अगुवाई में आयोजित कार्यक्रम में समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दिनभर बच्चों और महिलाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को मौके पर ही स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। आयोजन के माध्यम से नई पीढ़ी को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।
समाजसेवियों को समाज गौरव सम्मान
महोत्सव के दौरान पूज्य सिंधी पंचायत की ओर से लीलाराम वासवानी, मूलचन्द पेसवानी, मोहनलाल लखपतानी और डिंपल वासवानी को समाज के प्रति योगदान के लिए समाज गौरव सम्मान से नवाजा गया। वहीं महिला मंडल की पांच महिलाओं का भी सम्मान किया गया। इन सम्मानों के माध्यम से समाजसेवा, सहभागिता और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण में योगदान देने वालों का अभिनंदन किया गया।

दो दर्जन बुजुर्गों का सम्मान, लिया आशीर्वाद
शाम को झूलेलाल मंदिर में समाज के करीब दो दर्जन वरिष्ठ महिला-पुरुषों का शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। इस दौरान समाजजनों ने बुजुर्गों से आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि समाज की असली पूंजी उसके बुजुर्गों के अनुभव, संस्कार और मार्गदर्शन हैं। उनके योगदान को सम्मान देना केवल परंपरा नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम भी है।

बहराणा साहेब की शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धा का रंग
देर शाम झूलेलाल मंदिर से पूज्य बहराणा साहेब की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा पिवणिया तालाब पर पहुंचकर संपन्न हुई। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष रमेश सेन, उपाध्यक्ष डॉ. इशाक मोहम्मद और पार्षद रचना सुनील मिश्रा ने पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूज्य सिंधी पंचायत की ओर से तीनों अतिथियों का साफा बंधवाकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। पिवणिया तालाब पर धार्मिक परंपरा के अनुसार अखंड ज्योति का जल में विसर्जन किया गया। इसके बाद आम भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें समाजजनों ने प्रसादी ग्रहण की। तालाब की पाल पर आयोजित डांस और डांडिया कार्यक्रम ने महोत्सव में सांस्कृतिक उल्लास के रंग भर दिए। देर रात तक चले कार्यक्रम में समाज के लोगों ने उत्साह के साथ सहभागिता निभाई।

संस्कृति के संरक्षण और एकता का संदेश
असू चेटीचंड महोत्सव ने धार्मिक आस्था के साथ सिंधी समाज की सांस्कृतिक पहचान, सेवा भावना और सामूहिक सहभागिता को अभिव्यक्त किया। भगवान झूलेलाल की महाआरती और वंदना के दौरान शाहपुरा में अमन-चैन, सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की गई।
प्रतियोगिताओं में बच्चों और महिलाओं की भागीदारी, समाजसेवियों का सम्मान, बुजुर्गों के प्रति आदर और सामूहिक भंडारे की परंपरा ने आयोजन को सामाजिक सरोकारों से जोड़ा। महोत्सव का संदेश रहा कि संस्कृति तभी जीवंत रहती है, जब नई पीढ़ी उसे अपनाती है, समाज अपने सेवाभावी लोगों को पहचान देता है और बुजुर्गों के अनुभवों को सम्मान के साथ आगे बढ़ाता है।