दिल्ली विधानसभा में गूंजी शाहपुरा की पर्यावरण आवाज, श्रेया कुमावत ने राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया

राष्ट्रीय पर्यावरण बाल संसद-2026 के अंतिम चरण में 95 बाल प्रतिनिधियों में चयन, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की विपक्षी मंत्री की भूमिका निभाई

शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
स्मार्ट हलचल|शाहपुरा की बाल पर्यावरण कार्यकर्ता श्रेया कुमावत ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा और पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए राष्ट्रीय पर्यावरण बाल संसद-2026 के राष्ट्रीय सत्र में राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया। 7 अक्टूबर को दिल्ली विधानसभा में आयोजित राष्ट्रीय सत्र में श्रेया ने बाल प्रतिनिधि के रूप में सदन में अपनी भूमिका निभाई और पर्यावरण एवं टिकाऊ विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद में भाग लिया।
श्रेया का राष्ट्रीय स्तर पर फाइनल चयन हुआ था। देशभर के हजारों विद्यार्थियों के बीच विभिन्न चरणों में हुई चयन प्रक्रिया के बाद अंतिम चरण के लिए 95 बाल प्रतिनिधियों का चयन किया गया। इनमें राजस्थान से चयनित श्रेया कुमावत ने दिल्ली विधानसभा में प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर शाहपुरा का नाम राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया।
विधानसभा अध्यक्ष ने किया बाल प्रतिनिधियों का उत्साहवर्धन–
दिल्ली विधानसभा में आयोजित राष्ट्रीय सत्र की शुरुआत विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के संबोधन से हुई। उन्होंने बाल प्रतिनिधियों का उत्साहवर्धन करते हुए विधानसभा को संवाद, तर्क, विचार-विमर्श और समाधान का मंच बताया।
राष्ट्रीय पर्यावरण बाल संसद का स्वरूप भी इसी भावना पर आधारित रहा। बच्चों ने सदन में पक्ष और विपक्ष की भूमिकाएं निभाईं तथा पर्यावरण, टिकाऊ विकास और देश के भविष्य से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। इस पूरी प्रक्रिया ने बच्चों को लोकतांत्रिक संवाद और संसदीय कार्यप्रणाली को करीब से समझने का अवसर दिया।
शाहपुरा की श्रेया कुमावत ने इस राष्ट्रीय मंच पर रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की विपक्ष की भूमिका निभाते हुए सदन में अपना पक्ष रखा और संवाद में भाग लिया। एक बाल पर्यावरण कार्यकर्ता के लिए राष्ट्रीय स्तर के इस मंच पर अपनी बात रखना उपलब्धि के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति बच्चों की सक्रिय भागीदारी का उदाहरण भी है।
हजारों विद्यार्थियों से 95 तक पहुंचा सफर-
राष्ट्रीय पर्यावरण बाल संसद-2026 में कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को भाग लेने का अवसर दिया गया था। देशभर में स्कूल स्तर पर हजारों विद्यार्थियों ने ऑनलाइन प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इसके बाद चयन प्रक्रिया के अगले चरण में 400 विद्यार्थियों का क्षेत्रीय स्तर पर चयन किया गया। क्षेत्रीय स्तर से आगे बढ़ते हुए अंतिम चरण के लिए देशभर से 95 बाल प्रतिनिधियों का चयन किया गया। इन्हीं चयनित प्रतिनिधियों को दिल्ली विधानसभा में आयोजित राष्ट्रीय सत्र में भाग लेने का अवसर मिला।
इस चयन प्रक्रिया में शाहपुरा की श्रेया कुमावत का राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। उन्होंने न केवल राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया, बल्कि शाहपुरा की पर्यावरण चेतना और यहां चल रहे पर्यावरण संरक्षण प्रयासों को भी राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई।
पर्यावरण संरक्षण गतिविधि ने कराया आयोजन–
राष्ट्रीय पर्यावरण बाल संसद-2026 का आयोजन पर्यावरण संरक्षण गतिविधि (पीएसजी) द्वारा किया गया। वहीं मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल ने राष्ट्रीय स्तर पर मेजबानी एवं संयोजन की भूमिका निभाई। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को पर्यावरणीय विषयों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें संवाद, तर्क, विचार-विमर्श और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से अपने विचार व्यक्त करने का अवसर देना रहा। इस तरह बाल संसद ने पर्यावरण संरक्षण को केवल अभियान तक सीमित न रखते हुए बच्चों की सक्रिय भागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया।
पौधरोपण से बीज संरक्षण तक श्रेया की सक्रिय भूमिका-
श्रेया कुमावत लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न अभियानों में सक्रिय हैं। वे पौधरोपण, बीज संरक्षण, बीज गेंद निर्माण, प्लास्टिक मुक्त भारत, हर घर हरियाली और पर्यावरण जागरूकता जैसे अभियानों के माध्यम से बच्चों एवं आमजन को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करती रही हैं। उनकी गतिविधियों में खास बात यह है कि पर्यावरण संरक्षण को वे केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रखतीं, बल्कि बच्चों को प्रकृति, स्थानीय जैव विविधता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी से जोड़ने का प्रयास करती हैं। यही सक्रियता उन्हें राष्ट्रीय पर्यावरण बाल संसद के मंच तक ले गई।
शाहपुरा के लिए गौरव का अवसर-
श्रेया कुमावत का दिल्ली विधानसभा तक पहुंचना शाहपुरा के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि छोटे शहरों और कस्बों के बच्चों की प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलने से अन्य बच्चों को भी प्रेरणा मिलती है। राष्ट्रीय पर्यावरण बाल संसद में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए श्रेया ने यह दिखाया कि स्थानीय स्तर पर शुरू किए गए छोटे-छोटे पर्यावरणीय प्रयास भी बड़े राष्ट्रीय संवाद का हिस्सा बन सकते हैं।
दिल्ली विधानसभा में आयोजित इस राष्ट्रीय सत्र में बच्चों ने जिस तरह पर्यावरण और टिकाऊ विकास पर अपनी बात रखी, उससे यह संदेश भी सामने आया कि आने वाली पीढ़ी पर्यावरणीय चुनौतियों को लेकर जागरूक है और समाधान की चर्चा में अपनी भूमिका निभाना चाहती है।
शाहपुरा की श्रेया कुमावत का राष्ट्रीय पर्यावरण बाल संसद के अंतिम चरण में चयन और दिल्ली विधानसभा में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करना निश्चित रूप से शाहपुरा और राजस्थान के लिए गौरव का विषय है। उनकी यह उपलब्धि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का संदेश देती है।