राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस पर उदयपुर को मिलेगा गौरव, उदयपुर की सिंधु बिनुजीत को जयपुर में मिलेगा राज्य स्तरीय सम्मान

उदयपुर 15 अप्रैल। स्मार्ट हलचल|राजस्थान पुलिस के 77वें स्थापना दिवस के अवसर पर राजस्थान पुलिस अकादमी जयपुर में आयोजित होने वाले मुख्य समारोह में इस वर्ष समाज सेवा के क्षेत्र में अनूठा उदाहरण पेश करने वाली उदयपुर की संभाग स्तरीय बाल सुरक्षा सलाहकार सिंधु बिनुजीत को सम्मानित किया जाएगा। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कार्मिक) बीजू जॉर्ज जोसफ द्वारा जारी आदेश के अनुसार जयपुर स्थित राजस्थान पुलिस अकादमी में गुरुवार को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय पुलिस स्थापना दिवस समारोह में माननीय मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा द्वारा बिनुजीत को यूनिसेफ व राजस्थान पुलिस के साथ जुड़कर बाल संरक्षण गतिविधियों के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनकी सेवाओं को सराहा जाएगा।

*सिंधु बिनुजीत ने जगाई है बाल संरक्षण की अलख*

उदयपुर की बाल संरक्षण सलाहकार सिंधु बिनुजीत को सम्मानित किया जाना राजस्थान पुलिस के बदलते स्वरूप और स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक बड़ा कदम है। आजादी के बाद से पुलिसिंग में कई बदलाव आए हैं, लेकिन वर्तमान में बाल संरक्षण और महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर पुलिस का ध्यान एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है।

*डूंगरपुर से उदयपुर तक का सफर*
सिंधु बिनुजीत की सक्रियता वर्ष 2010 में दक्षिणी राजस्थान के डूंगरपुर जिले में उस समय चर्चा में आई, जब उन्होंने बी.टी. कॉटन क्षेत्रों में बच्चों के बाल श्रम और पलायन को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाए। आदिवासी क्षेत्रों में परंपराओं के खिलाफ जाकर प्रशासन, पुलिस और यूनिसेफ (UNICEF) के बीच समन्वय स्थापित कर उन्होंने बाल श्रम की मुख्य समस्या का समाधान निकाला।

*’वत्सल वार्ता’ और ‘बाल मित्र थाने’ की सफलता*
उनके मुख्य कार्यों में केवल जागरूकता ही नहीं, बल्कि पुलिस विभाग के भीतर भी बदलाव लाना शामिल रहा है। उन्होंने पुलिस और बच्चों के बीच आत्मीय संवाद शुरू किया, जिससे बच्चों का पुलिस के प्रति डर खत्म हुआ।
पुलिस मित्र, ग्राम रक्षक और सुरक्षा सखियों को बाल संरक्षण के विषयों पर प्रशिक्षित किया तथा डूंगरपुर में बाल मित्र पुलिस थाना’ और ‘सुरक्षित विद्यालय’ जैसे नवाचारों की शुरुआत की।

*मुख्यमंत्री भी हुईं थीं प्रभावित*

सिंधु के कार्यों की गूंज तब और तेज हुई जब 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने डूंगरपुर भ्रमण के दौरान इस नवाचार से जुड़ी बालिकाओं से संवाद किया। वे इन नवाचारों से इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने इसे पूरे राज्य में लागू करने के निर्देश दिए। वर्तमान में यह उदयपुर रेंज के सभी जिलों में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है, जिससे हजारों बच्चे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हुए हैं।

*पूर्व में भी मिल चुकी है पहचान*

यद्यपि सिंधु बिनुजीत को वर्ष 2017 में राज्य सरकार द्वारा और विभिन्न समूहों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है, लेकिन उनका निरंतर कार्य और पुलिसिंग में थाना स्तर पर ‘बाल मित्र वातावरण’ विकसित करने के प्रयासों ने आज उन्हें इस प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय सम्मान का हकदार बनाया है।
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