विश्व आदिवासी दिवस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की टिप्पणी के विरोध में आदिवासी समाज सड़कों पर उतरेगा,

मदन राठौड़ बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष के कथित बयान पर आदिवासी संगठनों में आक्रोश,

* सवाई माधोपुर जिलाध्यक्ष भवानी घुड़ासी बोले—“आदिवासी अस्मिता को भेड़चाल बताना बर्दाश्त नहीं”

शिवराज बारवाल मीना
टोंक/सवाई माधोपुर। स्मार्ट हलचल|विश्व आदिवासी दिवस को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की कथित टिप्पणी को लेकर आदिवासी संगठनों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद सवाई माधोपुर के जिला अध्यक्ष भवानी शंकर मीना घुड़ासी ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि दुनिया भर के आदिवासी समुदायों की पहचान, संस्कृति, अधिकार और अस्तित्व से जुड़ा महत्वपूर्ण दिवस है। भवानी घुड़ासी ने कथित टिप्पणी को आदिवासी समाज की अस्मिता और भावनाओं का अपमान बताते हुए कहा कि इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अब अपने अधिकारों को लेकर पहले से कहीं अधिक जागरूक है और किसी भी राजनीतिक दल के नेता द्वारा समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
*“आदिवासी दिवस कोई भेड़चाल नहीं, सदियों के संघर्ष की पहचान”*
राजस्थान आदिवासी मीणा सेवा संघ सवाई माधोपुर के जिला अध्यक्ष बंशी लाल मीना ने कहा कि आदिवासी दिवस कोई “भेड़चाल” नहीं, बल्कि सदियों के संघर्ष और आदिवासी अस्मिता की पहचान है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा से लेकर संविधान में मिले अधिकारों तक आदिवासी समाज का संघर्ष लंबा और ऐतिहासिक रहा है।उन्होंने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस को कथित तौर पर “भेड़चाल” या अन्य दिवसों से जोड़कर देखना आदिवासी समाज के संघर्ष और भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। संगठन के कोषाध्यक्ष आर.के. बड़गोत्या ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस पर देशभर में लाखों लोग अपनी संस्कृति, परंपरा, भाषा और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश देते हैं। यह किसी राजनीतिक दल या नेता की लोकप्रियता का परिणाम नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की अपनी पहचान और संघर्ष से जुड़ा दिवस है।
*भाजपा नेतृत्व के सामने चुनौती*
सवाई माधोपुर जिले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ आदिवासी समाज के प्रदर्शन की चेतावनी के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। आदिवासी बहुल क्षेत्रों में कथित टिप्पणी को लेकर नाराजगी सामने आने के बीच जिला अध्यक्ष भवानी घुड़ासी ने भाजपा नेताओं से सवाल किया कि यदि पार्टी आदिवासी समाज की संस्कृति, सम्मान और अधिकारों को लेकर गंभीर है, तो प्रदेश अध्यक्ष की ऐसी टिप्पणी पर उसका रुख क्या है? उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को केवल चुनाव के समय याद करने की राजनीति अब नहीं चलेगी।
*“केवल सोशल मीडिया पोस्ट से नहीं, हक-अधिकारों से होगा सम्मान”*
आदिवासी संगठनों ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस पर सोशल मीडिया पर पोस्ट डालना और आदिवासी महापुरुषों को याद करना पर्याप्त नहीं है। समाज चाहता है कि उसके संवैधानिक अधिकार मजबूत हों, पांचवीं अनुसूची और PESA कानून प्रभावी रूप से लागू हो, आदिवासी जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं। संगठनों ने आदिवासी युवाओं को मुख्यधारा में सम्मानजनक भागीदारी दिलाने की भी मांग उठाई।भवानी घुड़ासी ने कहा कि आदिवासी समाज अपने अधिकारों और सम्मान को लेकर जागरूक है। किसी भी राजनीतिक दल के नेता की ऐसी टिप्पणी, जिससे आदिवासी समाज की भावनाएं आहत हों, उसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। ज्ञापन एवं विरोध कार्यक्रम के दौरान राजस्थान आदिवासी मीणा सेवा संघ सवाई माधोपुर के जिला अध्यक्ष बंशी लाल मीना, अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद सवाई माधोपुर के जिला अध्यक्ष भवानी शंकर मीना घुड़ासी, राधेश्याम मीणा तहसीलदार, गजानंद पटेल बनोटा, रतीराम पटेल दुब्बी, रामलाल पटेल दुब्बी, आशाराम मीणा अध्यक्ष मीणा समाज सेवा संस्थान चौथ का बरवाड़ा, रतन लाल मीणा जौंला, रामसहाय मीना, सोदास नेता रामड़ी, श्रीनारायण हस्तगंज, सीताराम सरपंच, जयराम मीणा, भरतलाल मीना, भेरूलाल मीना घुड़ासी, लक्ष्मीकांत जडावता पूर्व प्रदेश सचिव एसटी प्रकोष्ठ राजस्थान एवं जिला अध्यक्ष एसटी-एससी राष्ट्रीय विकास परिषद सवाई माधोपुर, हरकेश बनोटा, खुशीराम मीना सहित अन्य लोग मौजूद रहे।