स्मार्ट हलचल|मांडलगढ़ 28 सितम्बर/विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत के तीन दिवसीय संस्कृति महोत्सव का समापन समारोह सोमवार को प्रातः 9 बजे स्थानीय आदर्श विद्या मंदिर सभागार में सम्पन्न हुआ।26 से 28 सितम्बर तक चले इस आयोजन में प्रान्त के 11 जिलों से आए 298 छात्र छात्राओं और 60 आचार्य दीदीयों ने हिस्सा लिया। पूरे महोत्सव के दौरान विद्यालय प्रांगण में उत्साह, अनुशासन और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का अद्भूत संगम देखने को मिला।
तीन दिवसीय महोत्सव में विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारने के लिए अनेक प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। इनमें प्रश्नमंच, कथा कथन, तात्कालिक भाषण, मूर्तिकला, लोकनृत्य, आचार्य पत्र वाचन, कविता पाठ, सुगम संगीत और अंत्याक्षरी शामिल थी। शिशु, बाल, किशोर और तरूण वर्गो में अलग-अलग प्रतियोगिताऐं हुई, जिनमें विद्याथियों ने प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता का प्रतिवेदन विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत के संस्कार केंद्र प्रमुख पूनम सिंह राठौड़ ने प्रस्तुत किया। महोत्सव के दूसरे दिन रविवार की रात आयोजित सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम सभी के लिए आकर्षण का केन्द्र रहा। इसमें विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी छात्र-छात्राओं ने रंगारंग प्रस्तुतियां दी। लोकनृत्य नाट्य, गीत-संगीत और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने वातावरण को उल्लासपूर्ण बना दिया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान क्षेत्र के संस्कृति बोध परियोजना संयोजक कैलाशचंद्र शर्मा थे। अध्यक्षता स्थानीय विद्यालय प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष मूलचन्द डाँगी ने की एवं विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शाहपुरा जिला प्रचारक केशव नारायण थे।
इस अवसर पर अतिथियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे महोत्सव भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहूंचाने में सेतू का कार्य करते है।
प्रतियोगिता में विभिन्न जिलों के विद्याथियों ने उत्कृष्ठ प्रदर्शन कर प्रान्त स्तरीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
परिणाम इस प्रकार रहे। संस्कृति ज्ञान प्रश्नमंच के सभी वर्गो में बारां जिला प्रथम रहा। आशुभाषण के किशोर वर्ग में बांसवाड़ा, तरूण वर्ग में बारां प्रथम, मूर्तिकला के बाल में झालावाड़, किशोर में अजमेर प्रथम, लोकनृत्य में झालावाड़ व बारां जिला प्रथम, कविता पाठ के बाल वर्ग में बारां, किशोर वर्ग में बून्दी प्रथम, सुगम संगीत बाल वर्ग में कोटा, किशोर वर्ग में झालावाड़ प्रथम, अंत्याक्षरी के बाल वर्ग में झालावाड़, किशोर वर्ग में अजमेर प्रथम रहा। विजयी प्रतिभागियों को मुख्य अतिथियों द्वारा स्मृति चिन्ह और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर भीलवाड़ा विद्या भारती शिक्षा संस्थान के सचिव देवराजसिंह राणावत एवं जिला संस्कृति महोत्सव प्रमुख महेन्द्रसिंह चुण्डावत, स्थानीय विद्यालय के प्रधनाचार्य गणपतसिंह वर्मा उपस्थित थे।