ओझागर में 10 फीट लंबे अजगर का सफल रेस्क्यू, मक्की के खेत में छिपा था भारतीय रॉक पाइथन, वन विभाग की तत्परता से ग्रामीणों में फैला डर खत्म

(बद्री लाल माली)

गुरला:- स्मार्ट हलचल|ओझागर में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया जब राजू जी सुवालका के खेत में एक विशाल अजगर दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि खेत में मक्की की फसल लगी हुई थी और महिलाएं मक्का काट रही थी, तभी अचानक मक्की के बीच छिपे हुए 10 फीट लंबे अजगर पर उनकी नजर पड़ी। महिलाओं की चीख सुनकर खेत में मौजूद लोग सहम गए।घटना की सूचना तुरंत ग्रामीण किशन जी सुथार ने वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वनपाल चंद्रपाल सिंह राणावत ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा। वनपाल के निर्देशानुसार वनरक्षक दिनेश कुमार रेगर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

मौके पर पहुंचकर देखा तो अजगर मक्की के खेत के अंदर घनी फसल में छिपा हुआ था। वनरक्षक दिनेश कुमार रेगर ने बड़ी ही सूझबूझ और सावधानी से अजगर का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। इस दौरान कैलाश जी खोईवाल, किशन जी सुथार, गणेश जी बागरिया सहित कई ग्रामीणों ने रेस्क्यू में अहम सहयोग किया।

*वन्यजीव संरक्षण का दिया संदेश*

रेस्क्यू के बाद वनरक्षक दिनेश कुमार रेगर ने मौके पर जमा हुए ग्रामीणों को वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक भी किया। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि खेत या गांव में कभी भी अजगर, या कोई भी जंगली जानवर दिखाई दे तो उसे मारे नहीं, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचना दें।

उन्होंने बताया कि वन्यजीव हमारे पर्यावरण का अभिन्न अंग हैं और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनका संरक्षण करना हम सभी का नैतिक दायित्व है।

*भारतीय रॉक पाइथन है, 20 फीट तक होती है लंबाई*

वनरक्षक दिनेश कुमार रेगर ने बताया कि यह अजगर ‘भारतीय रॉक पाइथन’ प्रजाति का है, जो विशाल और विषहीन होता है लेकिन काफी शक्तिशाली होता है। इस प्रजाति की लंबाई 20 फीट तक हो सकती है। यह भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 के तहत पूरी तरह से संरक्षित है। इसका शिकार करना या इसे नुकसान पहुंचाना गंभीर अपराध है।

बाद में अजगर को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया। वन विभाग की इस तत्परता से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और वन विभाग का आभार जताया।
ओझागर में खेत से 10 फीट लंबे अजगर का रेस्क्यू करते वनरक्षक दिनेश कुमार रेगर।*