उप स्वास्थ्य केंद्र खुद “बीमार”: निर्धारित समय के 1 घंटे बाद भी नहीं पहुंचा स्टाफ, निराश लौटे मरीज

स्मार्ट हलचल: स्वास्थ्य / ग्राउंड रिपोर्ट

उरना उप स्वास्थ्य केंद्र खुद “बीमार”: निर्धारित समय के 1 घंटे बाद भी नहीं पहुंचा स्टाफ, निराश लौटे मरीज

खजुरी | स्मार्ट हलचल संवाददाता

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर किए जा रहे तमाम दावों की जमीनी हकीकत बेहद चौंकाने वाली है। जहां मरीजों का इलाज होना चाहिए, वह व्यवस्था खुद “बीमार” नजर आ रही है। शक्करगढ़ क्षेत्र के उरना स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को कुछ ऐसे ही चिंताजनक हालात देखने को मिले।

अस्पताल खुलने के निर्धारित समय से करीब एक घंटे बाद तक भी कोई चिकित्सा कर्मी या कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं था। दूर-दराज से बीमारी की हालत में इलाज के लिए पहुंचे ग्रामीणों को घंटों इंतजार करने के बाद बिना उपचार के ही निराश होकर वापस लौटना पड़ा।

लंबे समय से बनी हुई है लापरवाही, बुजुर्ग और बच्चे हो रहे परेशान

ग्रामीणों ने बताया कि उप स्वास्थ्य केंद्र पर यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से यहां लापरवाही का यही आलम बना हुआ है। समय पर स्टाफ के नहीं पहुंचने के कारण विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार गंभीर मरीज इलाज की आस में घंटों इंतजार करते हैं, लेकिन फिर भी उन्हें चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती।

कागजी दावों की खुली पोल, ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग:

स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के बड़े-बड़े दावों के विपरीत जमीनी हकीकत बेहद खराब है। उप स्वास्थ्य केंद्र जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में ही अगर समय पर सेवाएं नहीं मिलेंगी, तो ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों और प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर लापरवाही की जांच कर तत्काल कार्रवाई की जाए और नियमित रूप से स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को समय पर इलाज मिल सके।