भीमगंज थाने में अचानक कार्रवाई से मचा हड़कंप,

 

एएसआई कैलाश खटीक समेत तीन पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

चार साल से अधिक समय से एक ही थाने में तैनाती पर उठे सवाल,
आमजन से व्यवहार और दो लापता बच्चों की मौत के मामले को लेकर चर्चाएं तेज

भीलवाड़ा

स्मार्ट हलचल|शहर के भीमगंज थाने में तीन पुलिसकर्मियों को अचानक हटाए जाने की कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। एएसआई कैलाश खटीक समेत दो हेड कांस्टेबलों को पुलिस लाइन भेजे जाने की खबर सामने आने के बाद कार्रवाई के कारणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। थाने के स्टाफ से लेकर शहर के पुलिस महकमे तक इस कदम को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, पुलिस विभाग की ओर से अब तक कार्रवाई के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं की गई है।
जानकारी के अनुसार, भीमगंज थाने में तैनात एएसआई कैलाश खटीक और दो हेड कांस्टेबलों को थाने से हटाकर पुलिस लाइन में उपस्थिति देने के निर्देश दिए गए। इसके बाद तीनों पुलिसकर्मियों को थाने से रिलीव कर दिया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह केवल कानून व्यवस्था की ड्यूटी से जुड़ा निर्णय है या फिर इसके पीछे कोई विभागीय कारण भी है? फिलहाल इसका स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।
एएसआई कैलाश खटीक की भीमगंज थाने में चार साल से अधिक समय से तैनाती को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लंबे समय तक एक ही थाने में पदस्थापना और आमजन के साथ व्यवहार को लेकर चर्चाएं सामने आती रही हैं। वहीं, दोनों हेड कांस्टेबलों के व्यवहार को लेकर भी कुछ लोगों की नाराजगी की बातें कही जा रही हैं। हालांकि, इन शिकायतों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस विभाग ने भी इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
इस घटनाक्रम को कलकीपुरा से लापता हुए दो मासूम बच्चों की मौत के संवेदनशील मामले से जोड़कर भी देखा जा रहा है। लापता होने के बाद दोनों बच्चों के शव पालड़ी क्षेत्र की एक खदान में मिले थे। इस घटना के बाद परिजनों और समाज के लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कथित लापरवाही के आरोप लगाए थे। बताया जा रहा है कि इस प्रकरण की जांच एएसआई कैलाश खटीक के जिम्मे थी। ऐसे में तीन पुलिसकर्मियों को लाइन भेजे जाने की कार्रवाई के बाद इस मामले को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
हालांकि, बच्चों की मौत के मामले और तीनों पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन भेजे जाने की कार्रवाई के बीच किसी आधिकारिक संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अधिकारियों की ओर से भी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस निर्णय के पीछे जांच में किसी कथित चूक, शिकायत या कार्यप्रणाली की समीक्षा की भूमिका रही है या नहीं। ऐसे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय विभागीय स्पष्टीकरण का इंतजार किया जा रहा है।
दूसरी ओर, थाने की ओर से बताया गया है कि संबंधित पुलिसकर्मियों को कानून व्यवस्था की ड्यूटी के लिए भेजा गया है और इस संबंध में कोई लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है। इस स्पष्टीकरण के बाद भी अचानक हुए बदलाव को लेकर सवाल बने हुए हैं। यदि यह नियमित ड्यूटी व्यवस्था का हिस्सा है, तो इसकी प्रकृति और अवधि स्पष्ट होने से स्थिति साफ हो सकती है। वहीं, यदि किसी शिकायत या विभागीय समीक्षा के आधार पर कार्रवाई की गई है, तो उसकी वास्तविक वजह सामने आना भी जरूरी है।
फिलहाल भीमगंज थाने से तीन पुलिसकर्मियों को हटाए जाने की कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। आमजन से व्यवहार, लंबे समय से एक ही थाने में तैनाती और दो मासूम बच्चों की मौत के मामले को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब निगाहें पुलिस अधिकारियों के आधिकारिक स्पष्टीकरण पर टिकी हैं। यह स्पष्ट होना बाकी है कि यह कदम केवल कानून व्यवस्था की ड्यूटी का हिस्सा है या इसके पीछे कोई अन्य विभागीय वजह भी है।