88 साल की उम्र में भी प्रैक्टिस कर रहे धीरेश टी. शाह के नाम पर भवन, नए आयकर कानून-2025 की छूट धाराओं पर हुई चर्चा
अहमदाबाद।स्मार्ट हलचल|टैक्स कंसल्टेंट्स और आयकर कानून से जुड़े प्रोफेशनल्स को बेहतर मंच उपलब्ध कराने की दिशा में अहमदाबाद में धीरेश टी. शाह टैक्स बार भवन की शुरुआत हुई। ऑल गुजरात फेडरेशन ऑफ टैक्स कंसल्टेंट्स (AGFTC) और इनकम टैक्स बार एसोसिएशन, अहमदाबाद (ITBA) की ओर से आयोजित उद्घाटन समारोह में आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में टैक्स प्रोफेशनल्स मौजूद रहे।भवन का उद्घाटन श्री सतीश कुमार शर्मा, IRS, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, गुजरात ने किया। वहीं श्री सुशील कुमार मधुक, IRS, मुख्य आयकर आयुक्त, गुजरात कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। श्री वी. नंदकुमार, IRS, आयकर आयुक्त (Exemptions), गुजरात को गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में सम्मानित किया गया।
88 की उम्र में भी सक्रिय, टैक्स क्षेत्र में अलग पहचान
कार्यक्रम में धीरेश टी. शाह के लंबे व्यावसायिक अनुभव और टैक्स क्षेत्र में योगदान की सराहना की गई। 88 वर्ष की उम्र में भी वे सक्रिय रूप से प्रैक्टिस कर रहे हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, एडवोकेट्स और टैक्स कंसल्टेंट्स के बीच उनकी अलग पहचान है। उनके नाम पर स्थापित यह भवन टैक्स और कानूनी पेशे से जुड़े लोगों के लिए अध्ययन, संवाद और ज्ञान साझा करने का केंद्र बनेगा।
नए आयकर कानून पर प्रोफेशनल्स की शंकाएं दूर कीं
समारोह के दौरान Income-tax Act, 2025 के तहत Exemption से जुड़े अध्यायों पर जानकारी दी गई। खास तौर पर धारा 12A और 80G के तहत Approval से जुड़े प्रावधानों को लेकर टैक्स प्रोफेशनल्स की शंकाओं का समाधान किया गया।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि नए आयकर कानून में हुए बदलावों को समझना टैक्स प्रोफेशनल्स के लिए बेहद जरूरी है। कानून में बदलाव के साथ उसके व्यावहारिक प्रभावों को समझने और लगातार अपडेट रहने की जरूरत बताई गई।
टैक्स-लीगल प्रोफेशन के विकास को समर्पित
AGFTC और ITBA की संयुक्त पहल से तैयार यह भवन टैक्स फ्रेटरनिटी के लिए प्रोफेशनल एक्सीलेंस, नॉलेज शेयरिंग और टैक्स एवं लीगल प्रोफेशन के विकास को समर्पित रहेगा। यहां भविष्य में टैक्स कानूनों, नए प्रावधानों और व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा के लिए प्रोफेशनल्स को मंच उपलब्ध होगा।
16 जुलाई 2026 को हुए समारोह में आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, एडवोकेट्स और टैक्स कंसल्टेंट्स की मौजूदगी रही। आयोजन में वरिष्ठता, अनुभव और नए कानून की समझ—तीनों का संगम देखने को मिला।