एजाज़ अहमद उस्मानी
डेगाना।स्मार्ट हलचल।डेगाना शहर की ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक धरोहर मानी जाने वाली केरवालिया नाड़ी को बचाने के लिए चल रहा धरना-प्रदर्शन आखिरकार सफल रहा। सोमवार देर शाम प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच हुई वार्ता के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। उपखंड अधिकारी मोहन चौधरी स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों को मानते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद आंदोलनकारियों एवं शहरवासियों ने प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
धरना समाप्त होने के अगले ही दिन मंगलवार सुबह नगरपालिका प्रशासन हरकत में आया और केरवालिया नाड़ी में गंदा पानी पहुंचाने के लिए खोदे गए नाले को जेसीबी मशीन की सहायता से मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया। नाला बंद होते ही “केरवालिया नाड़ी बचाओ अभियान” से जुड़े लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने इसे जनएकजुटता, संघर्ष और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ी जीत बताया।
उपखंड अधिकारी मोहन चौधरी ने कहा कि केरवालिया नाड़ी में शहर का गंदा पानी जाने से रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई शुरू कर दी गई है। भविष्य में भी नाड़ी को प्रदूषण से बचाने तथा उसकी प्राकृतिक स्थिति बनाए रखने के लिए प्रशासन आवश्यक कदम उठाएगा।
अभियान का नेतृत्व कर रहे युवा नेता मंशी राम खिलेरी ने बताया कि प्रशासन ने नाड़ी क्षेत्र के संरक्षण और सौंदर्यीकरण को लेकर भी सकारात्मक आश्वासन दिया है। आगामी बारिश के मौसम में केरवालिया नाड़ी के चारों ओर बड़े स्तर पर वृक्षारोपण कराया जाएगा, जिससे पर्यावरण संतुलन कायम रहे और क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता सुरक्षित बनी रहे। साथ ही पशु-पक्षियों के लिए बनी खेलियों की मरम्मत करवाने का भरोसा भी प्रशासन द्वारा दिया गया है।
इधर “केरवालिया नाड़ी बचाओ अभियान” से जुड़े कार्यकर्ताओं ने नाड़ी की सफाई को लेकर भी जनसहभागिता से अभियान चलाने की घोषणा की है। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि यह केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐतिहासिक जलस्रोत को बचाने की जिम्मेदारी है। शहरवासियों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए नाड़ी को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने में सहयोग का संकल्प लिया।
