डॉक्टरों की अनियमित उपस्थिति, जनता क्लिनिक व्यवस्था प्रभावित होने का आरोप
चित्तौड़गढ़, स्मार्ट हलचल। बेगूं विधानसभा क्षेत्र के सबसे बड़े राजकीय चिकित्सालय में व्याप्त कथित अनियमितताओं एवं अव्यवस्थाओं को लेकर जिला कलेक्टर चित्तौड़गढ़ को ज्ञापन सौंपकर जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन में बताया गया कि राजकीय चिकित्सालय बेगूं क्षेत्र के ग्रामीण एवं शहरी इलाकों के हजारों लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, जहां बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद अस्पताल में व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि चिकित्सालय में स्थायी रूप से नियुक्त कई चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति नहीं रहती। कुछ चिकित्सकों के सप्ताह में सीमित दिनों तक ही अस्पताल आने तथा ड्यूटी व्यवस्था में अनियमितता बरतने की शिकायत की गई है। मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित चिकित्सकों की उपस्थिति एवं मोबाइल लोकेशन की जांच कराने की मांग भी की गई है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए जनता क्लिनिक में कार्यरत डॉक्टरों को मुख्य चिकित्सालय बेगूं में लगाया जा रहा है। इससे जनता क्लिनिक का मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा है तथा वहां पहुंचने वाले मरीजों को चिकित्सकीय सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। परिणामस्वरूप मरीजों को मुख्य चिकित्सालय का रुख करना पड़ रहा है, जिससे अस्पताल में भीड़ बढ़ रही है और लंबी कतारों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में आरजीएचएस (राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) के लाभार्थियों के लिए भी पृथक व्यवस्था नहीं होने की बात कही गई है। इससे वरिष्ठ नागरिकों एवं अन्य पात्र लाभार्थियों को भी सामान्य मरीजों के साथ लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है।
ज्ञापनकर्ताओं ने जिला प्रशासन से राजकीय चिकित्सालय बेगूं का संघन निरीक्षण कराने, चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की समीक्षा करने तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार कर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता भी जताई गई।
