कलेक्टर से CM पोर्टल तक गुहार बेअसर, चौरू में जलभराव से स्कूली बच्चे बेहाल

—–> बस स्टैंड पर भरे पानी में फिसलकर महिला का पैर टूटा।

महेंद्र कुमार सैनी

स्मार्ट हलचल|नगर फोर्ट उपखंड उनियारा क्षेत्र के चौरू ग्राम पंचायत में सड़कों की बदहाली अब जानलेवा साबित हो रही है। टोंक-सवाई माधोपुर नेशनल हाईवे बाईपास से चौरू को जोड़ने वाले मुख्य सड़क मार्ग पर बस स्टैंड के पास जगह-जगह बने गहरे गड्ढे बरसात के पानी से लबालब भर गए हैं। पूरी सड़क तालाब में तब्दील हो चुकी है, तस्वीरें खुद इसकी बदहाली बयां कर रही हैं।
जलभराव के कारण राहगीरों, वाहन चालकों और सबसे ज्यादा स्कूली विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी मार्ग से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राएं रोजाना गुजरते हैं, जिन्हें घुटनों तक भरे गंदे पानी से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा हर कदम पर बना हुआ है।

*फिसलकर गिरी महिला का,पैर में फ्रैक्चर*

शनिवार शाम को इसी जलभराव और गड्ढों के कारण एक महिला सड़क पर फिसलकर गंभीर रूप से घायल हो गई। ग्रामीणों के अनुसार महिला के पैर में फ्रैक्चर आया है और शरीर पर अन्य जगह भी चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं अब आम हो गई हैं।
न जल निकासी, न सुनवाई
ग्रामीणों दीपक सैन, देवीशंकर मीणा, सुरेश नागर, नरेश मीणा, विनोद नागर, गुड्डू खान, कमलेश मीणा और सोराज यादव ने बताया कि बस स्टैंड पर जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। ग्राम पंचायत और पीडब्ल्यूडी को कई बार अवगत कराने के बाद भी समाधान नहीं हुआ। हर साल बारिश में यही हालात बनते हैं। जलभराव से मच्छरों का प्रकोप और मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने सरकार के ‘गड्ढा मुक्त सड़क अभियान’ पर भी सवाल खड़े किए हैं।कलेक्टर से CM पोर्टल तक शिकायत, फिर भी अनसुनी
ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर जिला कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल तक शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को भी दर्जनों बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। ग्राम पंचायत प्रशासन भी संबंधित विभागों को अवगत कराने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहा है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि किसी बड़े हादसे से पहले सड़क का तत्काल निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत और स्थायी जल निकासी की व्यवस्था की जाए।