लेबर कॉलोनी और सांगानेर सहित आधा दर्जन स्थानों पर हुआ रावण दहन
भीलवाड़ा
स्मार्ट हलचल|बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक विजयादशमी का पर्व भीलवाड़ा में उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। शहर के तेजाजी के चौक में पारंपरिक रावण दहन का भव्य आयोजन हुआ। भगवान श्रीराम के तीर चलाते ही रावण का विशाल पुतला आतिशी प्रभाव के साथ धू-धू कर जल उठा। देखते ही देखते आग की लपटों ने रावण सहित अन्य पुतलों को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ ही पलों में वे जलकर राख हो गए। इस रोमांचक दृश्य के साक्षी बने शहरवासियों ने जय श्रीराम के जयघोष के साथ विजयादशमी का उत्सव मनाया।
तेजाजी के चौक में रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी उमड़े। आयोजन के दौरान राम-रावण युद्ध का जीवंत मंचन आकर्षण का केंद्र रहा। युद्ध के दृश्यों ने दर्शकों को बांधे रखा। जैसे ही भगवान श्रीराम ने रावण पर विजय का प्रतीक तीर चलाया, रावण की आंखों से आग की लपटें निकलने लगीं और देखते ही देखते पूरा पुतला आग के गोले में तब्दील हो गया। आसमान में उठती लपटों और आतिशी नजारों के बीच रावण का अंत होते ही पूरा क्षेत्र उत्साह से गूंज उठा।
आतिशबाजी से रोशन हुआ आसमान
रावण दहन के दौरान जमकर आतिशबाजी हुई। रंग-बिरंगी रोशनी से आसमान जगमगा उठा और दशहरा उत्सव का उल्लास देखते ही बना। तेजाजी के चौक के अलावा लेबर कॉलोनी, सांगानेर सहित शहर के आधा दर्जन स्थानों पर रावण दहन किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और परंपरा के अनुसार बुराई के अंत तथा अच्छाई की जीत का पर्व मनाया।
अहंकार के अंत और सत्य की जीत का संदेश
विजयादशमी केवल रावण के पुतले के दहन का पर्व नहीं, बल्कि अहंकार, अन्याय और अधर्म के अंत का संदेश भी है। रावण दहन के साथ शहर में दशहरा उत्सव का समापन विजय और उल्लास के माहौल में हुआ। पर्व ने एक बार फिर संदेश दिया कि चाहे बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः जीत सत्य, धर्म और सदाचार की ही होती है।