विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखेंगे अधिकारी, लापरवाही पर होगी कार्रवाई: सचिव दीपक कुमार

भीमताल में 25 बिंदुओं पर समीक्षा बैठक, सीएम घोषणाओं से गड्ढामुक्त सड़कों तक हर योजना का होगा सत्यापन

भीमताल, 10 मई। स्मार्ट हलचल|उत्तराखंड सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू कराने के लिए रविवार को विकास भवन भीमताल में सचिव, संस्कृत शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन दीपक कुमार की अध्यक्षता में विभागीय अधिकारियों की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे क्षेत्र में जाकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन करें और यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

सचिव दीपक कुमार ने कहा कि सरकार की मंशा तभी पूरी होगी जब योजनाएं धरातल पर दिखाई देंगी। उन्होंने अधिकारियों को लाभार्थी सत्यापन, अवसंरचना निरीक्षण और सेवा वितरण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा।

बैठक में मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का रैंडम सत्यापन कर गुणवत्ता के साथ निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।

महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए सचिव ने एनआरएलएम और एनयूएलएम के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने दस उत्कृष्ट एवं दस कमजोर समूहों की सूची बनाकर प्रतिस्पर्धा के आधार पर उन्हें आगे बढ़ाने की रणनीति बनाने को कहा। साथ ही अधिकाधिक समूहों को ‘लखपति दीदी’ योजना से जोड़ने पर बल दिया।

सिंचाई विभाग की समीक्षा में नहरों, गूलों और हाइड्रम योजनाओं की मरम्मत एवं सुधार कार्य समय पर पूरा कर किसानों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बने आवासों का लाभार्थीवार सत्यापन कराने को कहा गया।

जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल योजना की समीक्षा करते हुए दिए गए जल संयोजनों का समय-समय पर सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। वहीं पीएमजीएसवाई के तहत बनी सड़कों की गुणवत्ता बनाए रखने और उन्हें गड्ढामुक्त रखने के लिए नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की समीक्षा करते हुए सचिव ने अधिकाधिक पात्र लोगों को लाभान्वित करने और स्थलीय सत्यापन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

बैठक में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना, पीएम कौशल विकास केंद्रों की स्थिति, प्रशिक्षणरत युवाओं की संख्या, सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों की तैनाती और आमजन को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं की भी समीक्षा की गई।

शिक्षा विभाग की समीक्षा में विद्यालयों में पठन-पाठन व्यवस्था, छात्र-छात्राओं के लिए पृथक शौचालय, पेयजल सुविधा और शिक्षा गुणवत्ता सुधार पर विशेष जोर दिया गया।

कृषि एवं उद्यान विभाग को किसानों को फसल बीमा, कृषि बीज, कृषि यंत्र और खाद समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए बीमा लाभ सुनिश्चित करने को कहा गया।

सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे एनआरएलएम के सहयोग से उद्यान, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और सहकारिता विभागों के साथ मिलकर प्रत्येक विकासखंड में एक आदर्श फार्मिंग मॉडल विकसित करें।

इसके अलावा मत्स्य पालन, पीएम मातृत्व वंदना योजना, राष्ट्रीय पोषण मिशन, कुपोषण उन्मूलन, पीएम कृषि सिंचाई योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, कानून व्यवस्था, साइबर सुरक्षा, साइबर फ्रॉड रोकथाम तथा ड्रग्स फ्री उत्तराखंड अभियान की भी समीक्षा की गई।

‘सरकार जनता के द्वार’ कार्यक्रम के तहत अधिकारियों को रोस्टर के अनुसार गांवों में रात्रि विश्राम करने के निर्देश दिए गए। साथ ही द्वितीय राजभाषा संस्कृत के उत्थान हेतु कार्यालयों के बोर्ड एवं पदनाम पट्टिकाएं संस्कृत में भी लिखवाने को कहा गया।

जनगणना कार्यों की समीक्षा में कुछ क्षेत्रों में शिथिलता पर नाराजगी जताते हुए सचिव ने समय से पूर्व कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सौरभ असवाल, सहायक परियोजना निदेशक डीआरडीए चंदा फर्त्याल, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी डॉ. मुकेश नेगी सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।