जेतपुरा रोड पर हुई थी लूट की वारदात; सह-आरोपी गोवर्धन मोग्या पूर्व में हो चुका है गिरफ्तार, मांडलगढ़ सब-जेल से आरोपी को लिया रिमांड पर
कोटड़ी/भीलवाड़ा (स्मार्ट हलचल)जिला पुलिस अधीक्षक सागर राणा के निर्देशन में वांछित अपराधियों और लूट की वारदातों में लिप्त बदमाशों की धरपकड़ हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कोटड़ी थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने जेतपुरा रोड पर एक वृद्ध महिला को चाकू दिखाकर सोने के जेवरात लूटने के मामले में 6 महीने से फरार चल रहे शातिर बदमाश विशाल उर्फ विकास मोग्या को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को मांडलगढ़ सब-जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भिजवा दिया।
चाकू की नोक पर वृद्ध महिला से लूटे थे सोने के जेवर
थानाधिकारी गजेंद्र सिंह (पु.नि.) ने बताया कि 9 फरवरी 2026 को कोटड़ी थाना क्षेत्र के जेतपुरा रोड पर एक वृद्ध महिला का रास्ता रोककर अज्ञात बदमाशों ने चाकू दिखाकर उसके गले से सोने की रामनामी और मांदलिया लूट लिया था। पीड़िता की रिपोर्ट पर थाने में प्रकरण संख्या 30/2026 धारा 309(6), 311, 112 बीएनएस व 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया था।
सह-आरोपी पूर्व में गिरफ्तार, माल हो चुका है बरामद
वारदात के बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 9 अप्रैल 2026 को मामले में शामिल सह-आरोपी गोवर्धन मोग्या (25) पिता लक्ष्मीचंद मोग्या (निवासी मंगलवाड़ चौराहा, जिला चित्तौड़गढ़) को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने गोवर्धन से लूटे गए सोने के जेवरात बरामद कर उसे जेल भेज दिया था, जबकि वारदात में शामिल उसका साथी विशाल मोग्या फरार चल रहा था।
🛑 प्रोडक्शन वारंट पर मांडलगढ़ जेल से किया गिरफ्तार
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शाहपुरा अंजुम कायल के निर्देशन एवं वृताधिकारी कोटड़ी सुरेश डाबरिया के सुपरविजन में थानाधिकारी गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी विशाल उर्फ विकास (19) पिता शोभा लाल मोग्या (निवासी भाणुजा डांग, थाना निकुम्भ, जिला चित्तौड़गढ़) को मांडलगढ़ सब-जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
कार्रवाई में यह पुलिस टीम रही शामिल
सराहनीय कार्रवाई करने वाली टीम में कोटड़ी थानाधिकारी गजेंद्र सिंह (पु.नि.), सउनि उस्मान खां, कांस्टेबल लक्ष्मण (1727), कांस्टेबल बनवारी लाल (1840) एवं कांस्टेबल बजरंग लाल (1272) शामिल रहे।

