विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर फार्मासिस्टों की भूमिका और समस्याओं पर की चर्चा

दवा और मरीज के बीच सबसे अहम कड़ी है, फार्मासिस्ट: डॉ. अशोक खटवानी

(पंकज पोरवाल)

भारतीय फार्मेसी की नींव रखने वाले एमएल श्रॉफ को याद किया, गीत में छलका फार्मासिस्टों का दर्द

भीलवाड़ा।स्मार्ट हलचल|मरीज और सही दवा के बीच फार्मासिस्ट की भूमिका को रेखांकित करते हुए राजस्थान फार्मासिस्ट कर्मचारी संघ (एकीकृत) की ओर से विश्व फार्मासिस्ट दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया। आईएमए हॉल में आयोजित समारोह में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों, फार्मासिस्टों और स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि जिला औषधि वितरण प्रभारी डॉ. अशोक खटवानी ने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ हैं। मरीज तक सही दवा पहुंचाने के साथ उसके सुरक्षित और उचित उपयोग की जानकारी देने में फार्मासिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सटीक दवा वितरण और सही परामर्श के बिना बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की कल्पना नहीं की जा सकती। विशिष्ट अतिथि ड्रग कंट्रोलर मनीष कुमार ने दवा सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि फार्मासिस्टों की सजगता गुणवत्तापूर्ण औषधियों की उपलब्धता और उनके सुरक्षित उपयोग को सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों में भी फार्मासिस्ट अपनी सेवाएं देकर चिकित्सा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखते हैं। जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम चावला ने भारतीय फार्मेसी के जनक प्रोफेसर एम.एल. श्रॉफ के योगदान और संघर्षों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रोफेसर श्रॉफ ने भारत में फार्मेसी शिक्षा और इस पेशे की मजबूत आधारशिला स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समारोह का एक भावुक पक्ष तब सामने आया, जब जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम चावला ने फार्मासिस्टों की मौजूदा समस्याओं, पदोन्नति की मांग और कार्यस्थल से जुड़ी परेशानियों को गीत के माध्यम से प्रस्तुत किया। गीत के जरिए सामने आई फार्मासिस्टों की पीड़ा ने सभागार में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। समारोह में शंभूलाल, ईश्वरराम चौधरी, जगदीश चंदेल, सागर भोमू, वंदना चुंडावत, सुमन सोनी, कप्तान सिंह, दीप्ति, मीनाक्षी, बरखा सोनी, विकास, प्रदीप, कल्पना, सोनिया, ज्योति शर्मा, ज्योति कुमावत और सीमा सहित बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। अंत में सभी ने समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।