चुनाव के दौरान जनता से किए वादों को निभाने की दिशा में उठाया बड़ा कदम, निजी खर्चे से शुरू करवाया विशेष सफाई अभियान; मजदूरों के साथ खुद मौके पर पहुंचकर देख रहीं व्यवस्थाएं, ग्रामीणों में सरपंच की पहल की चर्चा
नीरज मीणा
मंडावर (दौसा)।स्मार्ट हलचल/ग्राम पंचायत ऊकरूंद में नवनिर्वाचित सरपंच कंवर बाई मीना ने चुनाव जीतने के बाद गांव के विकास और जनसुविधाओं को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करना शुरू कर दिया है। दीपावली के त्योहार से पहले गांव को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से उन्होंने विशेष सफाई अभियान की शुरुआत करवाई है। खास बात यह है कि इस अभियान का आगाज उन्होंने अपने निजी खर्चे से करवाया है। गांव की गलियों से लेकर सार्वजनिक रास्तों तक सफाई करवाकर उन्होंने ग्रामीणों को यह संदेश देने का प्रयास किया है कि चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादे अब केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने का प्रयास किया जाएगा।
ग्राम पंचायत ऊकरूंद में सफाई अभियान शुरू होने के साथ ही गांव में स्वच्छता को लेकर सकारात्मक माहौल बनने लगा है। लंबे समय से विभिन्न स्थानों पर जमा कचरे, गंदगी और झाड़ियों को हटाने के लिए मजदूरों की टीम लगाई गई है। गांव के प्रमुख रास्तों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि त्योहार के समय ग्रामीणों को साफ-सुथरा वातावरण मिल सके।
सरपंच का अलग अंदाज, निर्देश देने के बजाय खुद पहुंच रहीं मौके पर
सफाई अभियान की सबसे खास बात सरपंच कंवर बाई मीना की सक्रियता है। वह केवल सफाई करवाने के निर्देश देकर जिम्मेदारी पूरी नहीं कर रहीं, बल्कि स्वयं मौके पर पहुंचकर कार्यों की निगरानी कर रही हैं। सफाई कार्य कहां तक पहुंचा, किन स्थानों पर अभी सफाई की जरूरत है और कहां अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, इन सभी बातों पर नजर रखी जा रही है।
सरपंच की इस सक्रियता को ग्रामीण एक अच्छी शुरुआत के रूप में देख रहे हैं। उनका मानना है कि जब जनप्रतिनिधि स्वयं मैदान में उतरकर काम की निगरानी करते हैं तो व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद बढ़ जाती है।
चुनावी वादों की पहली परीक्षा में स्वच्छता को दी प्राथमिकता
पंचायत चुनाव के दौरान कंवर बाई मीना एवं उनके प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया था कि गांव में स्वच्छता, रोशनी और विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। चुनाव में मिली जीत के बाद अब उन्होंने इसी दिशा में काम शुरू किया है।
दीपावली से पहले सफाई अभियान शुरू करवाना उनके चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में पहली प्रमुख पहल के रूप में देखा जा रहा है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिस प्रकार स्वच्छता अभियान की शुरुआत की गई है, उसी प्रकार गांव की अन्य समस्याओं को भी प्राथमिकता के आधार पर हल करवाया जाएगा।
निजी खर्चे से पहल, पंचायत विकास को लेकर दिखाई इच्छाशक्ति
गांव में सफाई अभियान की शुरुआत निजी खर्चे से करवाना भी चर्चा का विषय बना हुआ है। सरपंच ने शुरुआत में ही यह स्पष्ट करने का प्रयास किया है कि गांव की समस्याओं के समाधान के लिए इच्छाशक्ति और सक्रियता जरूरी है। हालांकि, आगे स्थायी सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए पंचायत स्तर पर नियमित कार्ययोजना और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग भी महत्वपूर्ण रहेगा।
अब गांव की रोशनी, सड़क और मूलभूत सुविधाओं पर रहेगा फोकस
स्वच्छता अभियान के बाद ग्रामीणों की निगाहें अब गांव की अन्य मूलभूत सुविधाओं पर टिकी हैं। गांव में पर्याप्त रोशनी, सड़कों की स्थिति, नालियों की सफाई, पेयजल व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों के रखरखाव जैसे मुद्दे ग्रामीणों की प्रमुख अपेक्षाओं में शामिल हैं।
सरपंच कंवर बाई मीना ने इन व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रयास करने की बात कही है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत क्षेत्र के सभी वार्डों में समान रूप से विकास कार्य करवाने का प्रयास रहेगा और किसी भी परिवार के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।
सरपंच परिवार का संदेश—जनता का विश्वास ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी
कंवर बाई मीना एवं उनके परिवारजनों का कहना है कि ग्राम पंचायत की जनता ने जिस विश्वास और उम्मीद के साथ उन्हें सेवा का अवसर दिया है, उस विश्वास को बनाए रखना उनकी पहली जिम्मेदारी है। गांव के विकास में सभी ग्रामीणों को साथ लेकर चला जाएगा। उनके लिए पूरा पंचायत क्षेत्र एक परिवार के समान है और प्रत्येक वार्ड का विकास समान प्राथमिकता के साथ करवाने का प्रयास रहेगा।
ग्रामीणों में उत्साह, नई पंचायत से बड़ी उम्मीदें
सफाई अभियान शुरू होने से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव जीतने के बाद जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझना और समाधान की शुरुआत करना ही एक अच्छे जनप्रतिनिधि की पहचान है। दीपावली से पहले गांव की सफाई करवाने की पहल से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि स्वच्छता अभियान केवल त्योहार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांव में नियमित सफाई व्यवस्था विकसित की जाएगी। साथ ही सड़क, नाली, रोशनी और अन्य विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।
फिलहाल ऊकरूंद में सफाई अभियान के रूप में विकास की पहली तस्वीर दिखाई देने लगी है। चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में सरपंच कंवर बाई मीना की यह शुरुआत ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। अब देखना होगा कि स्वच्छता की इस पहल को किस प्रकार स्थायी व्यवस्था में बदला जाता है और गांव के अन्य विकास कार्यों को कितनी गति मिलती है।