महवा विधायक राजेन्द्र मीणा ने शोकसभा में पहुंचकर बंधाया ढांढस, अधिकारियों को दिए सहायता के निर्देश
“जिस घर का कमाने वाला चला जाए, वहां चूल्हा भी आंसुओं से जलता है…” — ग्रामीणों की नम आंखों से छलका दर्द
नीरज मीणा
मंडावर।स्मार्ट हलचल/उपखंड क्षेत्र के ग्राम भण्डपुरा (गढ़ हिम्मतसिंह) में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। हादसे में पूर्ण सैनी की असमय मौत के बाद गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। जिस घर में कभी खुशियों की आवाजें गूंजती थीं, वहां अब मातम, चीख-पुकार और सन्नाटा पसरा हुआ है। हादसे ने केवल एक व्यक्ति की जान नहीं ली, बल्कि छह मासूम बेटियों के सिर से पिता का साया भी छीन लिया।
ग्रामीणों के अनुसार पूर्ण सैनी मेहनतकश और जिम्मेदार व्यक्ति थे, जो अपने परिवार का एकमात्र सहारा थे। परिवार की रोजी-रोटी से लेकर बच्चों की पढ़ाई और घर की हर जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को असहाय बना दिया। आज परिवार के सामने सबसे बड़ा संकट बेटियों के भविष्य, शिक्षा और जीवन-यापन का खड़ा हो गया है।
हादसे की खबर फैलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। गांव के लोग बड़ी संख्या में मृतक के घर पहुंचे। महिलाएं बिलखती नजर आईं तो बुजुर्गों की आंखें भी नम हो गईं। हर कोई यही कहता दिखाई दिया कि यह हादसा परिवार के लिए ऐसी पीड़ा छोड़ गया है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।
ग्रामीणों ने भावुक शब्दों में कहा कि जब किसी गरीब परिवार का कमाने वाला सदस्य दुनिया छोड़ देता है तो केवल एक व्यक्ति नहीं जाता, बल्कि पूरे घर की उम्मीदें टूट जाती हैं। छह बेटियों के पिता की अचानक मौत ने गांव के लोगों को भीतर तक झकझोर दिया है।
इसी बीच क्षेत्रीय विधायक शोकसभा में पहुंचे और दिवंगत पूर्ण सैनी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने परिजनों से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की और ढांढस बंधाया। विधायक ने कहा कि दुःख की इस घड़ी में सरकार और समाज दोनों पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं।
विधायक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवार को तुरंत सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए और हर संभव आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा और भविष्य किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होना चाहिए। सरकार की ओर से जो भी सहायता संभव होगी, वह प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश में परिवार का मुखिया केवल कमाने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि पूरे परिवार की ताकत और उम्मीद होता है। ऐसे में अचानक उसकी मृत्यु परिवार को पूरी तरह तोड़ देती है।
महवा विधायक राजेन्द्र मीणा ने भरोसा दिलाया कि प्रशासनिक स्तर पर हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे ताकि परिवार को राहत मिल सके।
शोकसभा के दौरान माहौल बेहद भावुक दिखाई दिया। परिजन बार-बार रो पड़ते और वहां मौजूद लोग उन्हें संभालते नजर आए। गांव की महिलाओं ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की, वहीं ग्रामीणों ने परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति देने की कामना की।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन हो रहे सड़क हादसे कई परिवारों की खुशियां उजाड़ रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और हादसों पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
भण्डपुरा गांव में फिलहाल हर गली और हर चौपाल पर केवल इसी हादसे की चर्चा हो रही है। गांव के लोग आज भी उस दर्दनाक पल को याद कर भावुक हो उठते हैं। पूर्ण सैनी की कमी शायद कभी पूरी नहीं हो पाएगी, लेकिन गांव के लोग परिवार को हरसंभव सहारा देने की बात कह रहे हैं।
