नशे की लत पूरी करने के लिए देते थे वारदात को अंजाम, मंदिर से चुराए चांदी के आभूषण और शत-प्रतिशत माल बरामद
अनिल कुमार
ब्यावर।स्मार्ट हलचल।जिला पुलिस अधीक्षक रतनसिंह (IPS) और अजमेर रेंज महानिरीक्षक राजेन्द्रसिंह के निर्देश पर ब्यावर पुलिस ने वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। बर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम रेलमगरा स्थित प्रसिद्ध बायोसा बाबजी मंदिर में हुई नकबजनी (चोरी) का महज़ कुछ ही दिनों में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में दो शातिर चोरों सहित चोरी का माल खरीदने वाले एक सुनार (ज्वैलर) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चोरी गया शत-प्रतिशत माल भी बरामद कर लिया है।
मध्यरात्रि में तोड़े थे मंदिर के ताले
थानाधिकारी पन्नालाल (उप निरीक्षक) ने बताया कि गत 23 मई को मेगडदा निवासी कालुराम मेघवाल ने बर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, रेलमगरा के बेरा सुतरंगिया स्थित बायोसा महाराज मंदिर में उनके वृद्ध पिता पूजा-अर्चना करते हैं। 18 और 19 मई की मध्यरात्रि को अज्ञात चोरों ने मंदिर के ताले तोड़कर गर्भगृह में प्रवेश किया। चोर वहां से मंदिर का दानपात्र और मूर्तियों पर चढ़ी चांदी की माला, चांदी के फूल और ताबीज चोरी कर ले गए थे। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(ए) और 331(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
नशे के आदी हैं चोर, औने-पौने दामों में बेचते थे जेवर
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुकृति उज्जैनिया और वृताधिकारी (रायपुर) बंशीलाल पाण्डर के सुपरविजन में गठित टीम ने तकनीकी अनुसंधान और मुखबिरों की मदद से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने मंदिर में चोरी की वारदात कबूल की। पुलिस ने बताया कि आरोपी शातिर किस्म के नशेड़ी हैं और अपने नशे की लत को पूरा करने के लिए मंदिरों को निशाना बनाते थे। चोरी किए गए चांदी के आभूषणों को वे बहुत ही कम दामों में बेच देते थे।
ये हुए गिरफ्तार:
सुरेन्द्र नायक (28) पुत्र दशरथ नायक, निवासी बिराटीया कला (मुख्य आरोपी)
प्रितम नायक (27) पुत्र अम्बालाल, निवासी बिराटीया कला (मुख्य आरोपी)
राजेश वर्मा (65) पुत्र बंशीलाल वर्मा (सोनी), निवासी मेगड़दा रोड, बर (चोरी का माल खरीदने वाला ज्वैलर – धारा 317(2) BNS के तहत गिरफ्तार)
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम:
इस त्वरित खुलासे में बर थानाधिकारी पन्नालाल (उ.नि.), मुख्य आरक्षक वेदप्रकाश (766), कांस्टेबल होनाराम (438), कांस्टेबल कालूराम (442) और कांस्टेबल नन्दलाल बैरा (632) की विशेष और सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अब आरोपियों से अन्य थाना क्षेत्रों में हुई चोरियों के संबंध में भी कड़ाई से पूछताछ कर रही है।
