Homeराजस्थानअलवरकठूमर विधानसभा क्षेत्र में गौशाला नहीं होने के कारण गौवंश सड़कों पर

कठूमर विधानसभा क्षेत्र में गौशाला नहीं होने के कारण गौवंश सड़कों पर

गोवंश की ट्रक आदि वाहनों से कुचलकर हो रही मौत

सड़क पर बैठी गोवंश‌ से टकरा कर वाहन चालक भी दुर्घटना के हो रहे हैं शिकार

दिनेश लेखी

कठूमर । स्मार्ट हलचल । विधानसभा क्षेत्र मे एक भी गौशाला नहीं होने से सैंकड़ों की संख्या में गौवंश खुले में घूम रहे हैं। इन बेसहारा गौवंश की हालत दयनीय है। गौवंश को सब्जी मंडी, नगर‌ व खेरली रोड, लक्ष्मणगढ़ रोड, भनोखर रोड सहित गली मौहल्लों में झुंडों मे‌ देखा जा सकता है। इसके अलावा गांवों में भी इनकी संख्या खूब है। और रात्रि में सड़क पर बैठने के कारण रोज गोवंश की ट्रक आदि वाहनों से कुचलकर मौत हो रही है ‌। इधर सड़क पर बैठी गोवंश‌ से टकरा कर वाहन चालक भी दुर्घटना के शिकार बन‌ जाते हैं ।

जानकारी के अनुसार कुछ लोग दूध नही देने के कारण गायों व उनके छोटे बछड़ों को छोड़ देते हैं। जिसके चलते यकायक खुले में घूम रहे गौवंश की संख्या बढ़ गई है। और कस्बे में चारो तरफ इन्हें झुंड में विचरण करते देखा जा सकता है। पहले मैथना की रूद में गौशाला संचालित थी लेकिन उसे बहुत समय पहले वन भूमि में संचालित होने के कारण बंद कर दिया गया।

दूसरी ओर पर्याप्त चारे के अभाव में ये गोवंश भूख से भी तड़पती है। और अपने पेट की क्षुदा शांत करने के लिए कूड़े के ढेर में से पालीथीन, गत्ता, कागज आदि को खाने को मजबूर हैं।

अनेक असामाजिक तत्व ऐसे भी हैं, जो इन गायों पर नुकीली वस्तुओं से वार कर इन्हें गंभीर चोट पहुंचाते हैं। जिससे इनके अविरल खून‌ बहता रहता है। और घायल गौवंश ईलाज के अभाव में तड़प तड़प कर दम तोड देती है।

जबकि सरकार के अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत में गोचर भूमि है। लेकिन देखरेख के अभाव व प्रशासन की उदासीनता के चलते अधिकांश गोचर भूमि का रकबा अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुका है। किसी ने पक्के,तो किसी ने कुडा कर्कट, गोबर इत्यादि डालकर सरकारी भूमि पर कब्जा कर रखा है।

 

इनका क्या कहना

गौ वंश की दुर्दशा पर मैं भी दुखी हूं । मसारी के सुर्री मंदिर की जमीन पर ट्रस्ट के माध्यम से गौशाला का निर्माण कराया जाएगा। इस मामले में आवश्यक कार्रवाई जल्द से जल्द कराई जाएगी।
रमेश खींची विधायक कठूमर

कठूमर क्षेत्र में गौवंश खुले में घूम रहे हैं,कई बार असामाजिक तत्व इन गौवंश को नुकीली,व धारदार चीजों से वार कर लहुलुहान कर देते हैं। पता लगने पर घायल गौवंश का निःशुल्क उपचार किया जाता है। लेकिन इतनी बड़ी संख्या में खुले में घूम रहे गौवंश के लिए गौशाला जरूरी है।
दिगम्बर सिंह चौधरी सामाजिक कार्यकर्ता कठूमर

गौवंश के सरंक्षण व रक्षा के लिए युवाओं को भी सरकार का सहयोग करना चाहिए । प्रत्येक ग्राम में गौचर भूमि का प्रावधान है। और उस गांव के युवाओं को वहां खुले में घूम रहे गौवंश का संरक्षण करने का प्रयास करना चाहिए।
मोहनलाल खंडेलवाल निवासी कठूमर

wp-17693929885043633154854019175650
RELATED ARTICLES