तिलस्वां घाटा हादसा: तीन दिन में दूसरा बड़ा हादसा, तीन मजदूरों की मौत






तिलस्वां घाटा हादसा: तीन दिन में दूसरा बड़ा हादसा, तीन मजदूरों की मौत


बड़ी खबर | खूनी घाटा

लगातार तीन दिन से लोगों की जानें ले रहा तिलस्वां घाटा, तीन दिन में दूसरा बड़ा हादसा, 3 मजदूरों की मौत

प्रशासन सो रहा, लोग मर रहे, कौन है जिम्मेदार? बेकाबू होकर खाई में गिरी पिकअप, बाल्टियों में भरा रंग शवों पर फैला, चालक फरार, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
ग्राउंड रिपोर्ट: गिरधर पाराशर, तिलस्वां

राजस्थान बॉर्डर पर स्थित तिलस्वां घाटा इन दिनों खूनी घाटा साबित हो रहा है। लगातार तीसरे दिन इस खतरनाक मोड़ ने लोगों की जिंदगी लील ली। मंगलवार रात करीब 10 बजे मजदूरों से भरा एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। इस भीषण हादसे में तीन मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

पुलिस के अनुसार, पिकअप वाहन (RJ14-GN-6549) राजस्थान के धौलपुर से बांसवाड़ा की ओर जा रहा था। वाहन में आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्य के लिए पेंट की बाल्टियां भरी हुई थीं और मजदूर उन्हीं बाल्टियों के ऊपर बैठे थे। तिलस्वां घाट के खतरनाक मोड़ पर वाहन चालक संतुलन खो बैठा और पिकअप सीधे खाई में जा गिरी। हादसे के दौरान बाल्टियों में भरा रंग मजदूरों के शवों पर फैल गया, जिससे घटनास्थल का दृश्य बेहद भयावह और हृदयविदारक हो गया। हादसे के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।

हादसे का संक्षिप्त विवरण:

  • मृतक मजदूर: उत्तर प्रदेश के बरेली, गाजीपुर तथा राजस्थान के जयपुर के निवासी (शिनाख्त प्रक्रिया जारी)।
  • गंभीर घायल: मोहम्मद जाकिर (40), इदरीस और सोमपाल (प्राथमिक उपचार के बाद कोटा रेफर)।
  • मौके पर पहुंचे अधिकारी: सिंगोली थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा और तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल पुलिस बल के साथ उपस्थित।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम ने राहगीरों और स्थानीय लोगों की मदद से भारी मशक्कत के बाद शवों को खाई से बाहर निकाला और सिंगोली अस्पताल की मॉर्चुरी में रखवाया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर मर्ग कायम करते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है।

गंभीर सवाल: रविवार को भी हुआ था हादसा, फिर क्यों नहीं जागा प्रशासन?

गौरतलब है कि अभी दो दिन पहले यानी रविवार को भी इसी तिलस्वां घाट पर ‘शिव शक्ति ट्रेवल्स’ की बस पलटने से करीब 30 यात्री गंभीर रूप से घायल हुए थे। रोजाना हो रहे हादसों के बावजूद जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने घाट पर क्रैश बैरियर या सुरक्षा संकेतक लगाने की जहमत नहीं उठाई। आखिर इन मासूमों की मौतों का जवाबदेह कौन है?