पूर्व कैबिनेट मंत्री उदयलाल आंजना के आह्वान पर एनएसयूआई, युवा कांग्रेस एवं कांग्रेस परिवार का प्रदर्शन, हाथों में तिरंगा और मशाल लेकर निकले सैकड़ों कार्यकर्ता*
*मोमबत्तियां जलाकर मौन रख दिवंगत NEET विद्यार्थियों को दी श्रद्धांजलि, राष्ट्रगान के साथ हुआ जुलूस का समापन*
निम्बाहेड़ा, 26 जुलाई। (ज़ाकिर हुसैन)
स्मार्ट हलचल|नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के “छात्रों की गूंज अभियान” के तहत तथा जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता के विरोध में शनिवार सायंकाल निम्बाहेड़ा नगर में कांग्रेस परिवार द्वारा एक विशाल, अनुशासित एवं ऐतिहासिक मशाल जुलूस निकाला गया। राजस्थान सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री उदयलाल आंजना के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में एनएसयूआई, युवा कांग्रेस एवं कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मशाल जुलूस का नेतृत्व छोटीसादड़ी पंचायत समिति के पूर्व प्रधान विक्रम आंजना ने किया।
मशाल जुलूस का शुभारंभ पेच एरिया स्थित कांग्रेस कार्यालय से हुआ। यहां बड़ी संख्या में कांग्रेसजन, छात्र-युवा एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एकत्रित हुए। सभी कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा एवं प्रज्ज्वलित मशाल लेकर अनुशासित कतारों में नगर के प्रमुख मार्गों जैसे डाक बंगला रोड, नवाबगंज, रामद्वारा, मोती बाजार, चित्तौड़ी दरवाजा, कैंची चौराहा, परशुराम सर्किल, मंडी चौराहा, गर्ल्स स्कूल, बापू बस्ती, विवेकानंद सर्किल से होते हुए कल्याण चौक पहुंचे। पूरे मार्ग में देशभक्ति से ओतप्रोत गीत गूंजते रहे तथा छात्र हित, शिक्षा में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों के समर्थन में जोशीले नारे लगाए गए। मशालों की रोशनी और तिरंगों की शान से नगर का वातावरण राष्ट्रभक्ति एवं जनजागरण की भावना से सराबोर दिखाई दिया।
कल्याण चौक पर आयोजित सभा में पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना के संदेश पढ़कर सुनाया गया जिसमें उन्होंने कहां की देश का युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है और उसकी आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। विद्यार्थियों को सुरक्षित, निष्पक्ष एवं पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकारों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। दिल्ली में लगभग 36 दिनों तक चले आंदोलन का अंत तब ही हुआ जब केंद्र सरकार को अपना घमंड छोड़ते हुए शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने एवं शिक्षा का राजनीतिकरण करने वाले प्रमुख चेहरे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को मंत्री पद से हटाना पड़ा जो लोकतंत्र सहित युवा शक्ति की जीत है। आंजना ने कहा कि आज भी महात्मा गांधी की नीतियां सार्थक है जहां अहिंसा के दम पर घमंडी एवं शक्तिशाली सरकार को हराया जा सकता है जिसे देश के युवाओं ने सिद्ध किया, क्योंकि जब दिल्ली में 20 जुलाई को भाजपा सरकार ने युवाओं पर लाठी चार्ज किया तो यह भ्रम फैलाया गया कि अब यह आंदोलन समाप्त हो जाएगा परंतु उस दमनकारी कार्यवाही के बाद तो देश के युवाओं में एक अलग ही ऊर्जा का संचार हुआ और हर तहसील, कस्बे में युवाओं ने अपने-अपने तरीके से विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया जिसमें हमारे निम्बाहेड़ा एवं छोटीसादड़ी के युवा भी प्रमुख रहे, जिन्होंने सोशल मीडिया से लेकर जमीन पर शानदार तरीके से सरकार की नीतियों का विरोध किया जिसका परिणाम आज देश के सामने है।
अन्य वक्ताओं ने भी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार तथा छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने की मांग की। सभा में वक्ताओं ने जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की निंदा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक एवं छात्र को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अधिकार प्राप्त है। छात्रों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई एवं व्यवहार की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग भी उठाई गई। साथ ही NEET परीक्षा से जुड़े प्रकरणों में निष्पक्ष जांच तथा प्रभावित विद्यार्थियों और उनके परिजनों को न्याय दिलाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान NEET पेपर लीक प्रकरण से प्रभावित एवं जान गंवाने वाले विद्यार्थियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित कांग्रेसजनों ने मोमबत्तियां जलाकर दिवंगत विद्यार्थियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत विद्यार्थियों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा उनके शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। साथ ही प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा एवं न्याय दिलाने तथा विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई। मशाल जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित कांग्रेसजनों ने छात्र हितों एवं शिक्षा में पारदर्शिता के समर्थन में गगनभेदी नारे लगाए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि “युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं, उनकी आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। शिक्षा, सम्मान और न्याय प्रत्येक छात्र का अधिकार है।” पूरे आयोजन में अनुशासन, एकजुटता एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार, विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा, युवाओं के भविष्य की सुरक्षा एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।
उक्त कार्यक्रम की तैयारी में युवा कांग्रेस एवं एनएसयूआई परिवार का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आम जनता, कांग्रेसजन, नगर कांग्रेस कमेटी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, किसान कांग्रेस, सेवादल, महिला कांग्रेस, अल्पसंख्यक कांग्रेस, ओबीसी प्रकोष्ठ, आदिवासी कांग्रेस, अल्पसंख्यक कांग्रेस, एससी प्रकोष्ठ, स्थानीय निकाय विभाग, राजीव गांधी पंचायती राज विभाग, कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ के पदाधिकारी, क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।
