बवंडर का तांडवः घाड़ क्षेत्र में भारी तबाहीः: पेड़ के नीचे दबने

से एक की मौत, कई जगह जनजीवन अस्त-व्यस्त । ताश के पत्तों की तरह उड़े टीनशेड, किसानों की टूटी कमर, अंधेरे में डूबा क्षेत्र, विद्युत ढांचा चरमराया

अविनाश मीणा

घाड़ (देवली), टॉक.

स्मार्ट हलचल|घाड़ क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से खराब मौसम और लगातार आ रहे तूफानों ने जनजीवन को प्रभावित किया है। शनिवार रात आए भीषण बवंडर ने घाड़ क्षेत्र में भारी तबाही मचाई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और लाखों रुपये का जान-माल का नुकसान हुआ।बवंडर का सबसे दर्दनाक मंजर ज्योतिपुरा गांव में सामने आया, जहां रात के समय पेड़ के नीचे दबने से किसान मिश्रीलाल मीणा की मौके पर ही मौत हो गई।

तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई मकानों और बाड़ों पर लगे टीनशेड ताश के पत्तों की तरह उड़कर दूर जा गिरे।

दौलतपुरा निवासी बाबूलाल मीणा ने बताया कि उन्होंने सरकारी सहायता के लिए पशु आश्रयलय बनाया था, लेकिन भुगतान मिलने से पहले ही तूफान ने इसे धराशाई कर दिया। जिससे किसान के 18 टीनशेड पूरी तरह टूट गए और 500 लीटर की पानी की टंकी भी क्षतिग्रस्त हो गई।

गनीमत रही कि जहां टीनशेड गिरे, वहां एक शादी समारोह चल रहा था। लोग बाल-बाल बच गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

बवंडर के कारण विद्युत विभाग को भी भारी क्षति पहुंची है। खरोई में श्योजी लाल मीणा के कुएं पर लगा ट्रांसफार्मर गिर गया। जिससे किसान को नुक्सान हुआ है

डाटुन्दा और लक्ष्मीपुरा सहित कई गांवों में बिजली के दर्जनों पोल उखड़ गए, जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।

विद्युत विभाग के कर्मचारी और अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और युद्धस्तर पर लाइनों को दुरुस्त करने का कार्य जारी है।

पिछले तीन दिनों से लगातार खराब मौसम के कारण पेड़ उखड़ने और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने से किसान और आमजन चिंतित हैं। फसलों और पशु आश्रयों के नुकसान ने ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया है। प्रशासन से जल्द सर्वे करवाकर उचित मुआवजे की मांग की जा रही है।