अनिल कुमार
ब्यावर। स्मार्ट हलचल| आधुनिकता की चकाचौंध के बीच बचपन की उन मासूम यादों और पारंपरिक खेलों को फिर से जीने का अवसर लेकर आया ‘श्री विद्यासागर युवा संगठन’ का प्रथम वार्षिकोत्सव। रविवार को श्री दिगंबर जैन पंचायती नसियां के प्रांगण में आयोजित इस भव्य उत्सव ने न केवल संगठन की मजबूती को दर्शाया, बल्कि ‘बचपन की यादें’ थीम के जरिए पुरानी यादों को ताजा कर दिया।
सतोलिया और रस्सीकशी में दिखा जबरदस्त उत्साह
श्री विद्यासागर युवा संगठन के संगठन मंत्री अमित गोधा ने जानकारी देते हुए बताया कि वार्षिकोत्सव को खास बनाने के लिए दिन भर विभिन्न पारंपरिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। मैदान में जब सतोलिया, रस्सीकशी, बैलून गेम, चेयर रेस और चम्मच रेस जैसे खेल शुरू हुए, तो बड़ों से लेकर बच्चों तक सभी का जोश देखते ही बनता था। खुले आसमान में लहराती रंग-बिरंगी पतंगों ने उत्सव में चार चाँद लगा दिए, वहीं डीजे की सुमधुर धुनों पर थिरकते सदस्यों ने माहौल को पूरी तरह आनंदमयी बना दिया।
इस अवसर पर केवल खेल ही नहीं, बल्कि आपसी रिश्तों की प्रगाढ़ता पर भी जोर दिया गया। कपल गेम्स और अन्य ग्रुप एक्टिविटीज के माध्यम से सदस्यों के बीच टीम भावना और सौहार्द बढ़ाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के दौरान संगठन के परिवार में शामिल हुए 3 नए सदस्यों का पूरी आत्मीयता के साथ स्वागत किया गया, जो संगठन के बढ़ते प्रभाव का प्रतीक है।
शाम को आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथियों के रूप में श्री दिगंबर जैन पंचायत के अध्यक्ष अशोक काला, मारवाड़ी समाज के अध्यक्ष रूपचंद कासलीवाल एवं श्री पार्श्वनाथ मंदिर के अध्यक्ष संजय रावका एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं और लकी ड्रॉ के गेम के विजेताओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया। अतिथियों ने अपने संबोधन में संगठन के इस अभिनव प्रयास की सराहना की और युवाओं को समाज सेवा के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के सफल समापन पर अध्यक्ष कमल जैन एवं सचिव कल्पेश जैन ने सभी सहयोगकर्ताओं और सदस्यों का तहे दिल से आभार व्यक्त किया। आयोजन में अध्यक्ष कमल जैन सचिव कल्पेश जैन अमित गोधा उज्जवल काला, सन्मति रावका, मोहित जैन, अंशुल रानीवाला, पीयूष कासलीवाल, यश जैन, अक्षत कटारिया, श्रेणिक जैन, आशीष बाकलीवाल, अंकित रावका, आशीष गदिया, चंचल जैन दीपांशु जैन दीपक जैन चन्देश रावका लक्की गंगवाल सहित बड़ी संख्या में संगठन की महिलाएँ, पुरुष और बच्चे उपस्थित थे। सामूहिक भोज के साथ इस यादगार दिन का समापन हुआ।













