✍️राकेश मीणा
नई दिल्ली में कर्तव्य भवन-3 स्थित गृह मंत्रालय में मुलाकात, जनजातीय क्षेत्रों के विकास, शिक्षा, रोजगार और समाज से जुड़े विषयों पर हुआ मंथन
नई दिल्ली। स्मार्ट हलचल|केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन-3 के गृह मंत्रालय में मुलाकात की। मुलाकात के दौरान देश, राजस्थान, मेवाड़-वागड़ क्षेत्र और आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। डॉ. रावत ने केंद्रीय गृह मंत्री से मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद भी प्राप्त किया।*
*बैठक में आदिवासी समाज की विभिन्न समस्याओं, जनजातीय क्षेत्रों के विकास, शिक्षा, रोजगार, युवाओं के अवसर, सामाजिक सरोकार और राजनीतिक परिस्थितियों सहित कई विषयों पर चर्चा हुई। डॉ. रावत ने आदिवासी बहुल क्षेत्रों में विकास से जुड़े विषयों और समाज की अपेक्षाओं को केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष रखा।*
*आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा*
*मुलाकात के दौरान जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने, युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने तथा आदिवासी समाज के सामाजिक एवं आर्थिक विकास से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। क्षेत्र में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप प्राथमिकताएं तय करने को लेकर भी चर्चा हुई।*
*मेवाड़-वागड़ के मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में*
*उदयपुर सहित मेवाड़-वागड़ क्षेत्र आदिवासी बहुल होने के कारण यहां के विकास और जनजातीय समाज से जुड़े विषयों को भी बातचीत में प्रमुखता मिली। क्षेत्र में शिक्षा, आधारभूत सुविधाओं, रोजगार और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने जैसे मुद्दों को लेकर विचार साझा किए गए।*
राजनीतिक परिस्थितियों पर भी मंथन
मुलाकात में समसामयिक राजनीतिक परिस्थितियों और आदिवासी समाज की राजनीतिक भागीदारी को लेकर भी चर्चा हुई। बदलते राजनीतिक परिदृश्य में जनजातीय समाज की भूमिका, क्षेत्रीय मुद्दों और संगठनात्मक स्तर पर समाज की अपेक्षाओं को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
अमित शाह के मार्गदर्शन को बताया प्रेरणादायी
मुलाकात के बाद डॉ. मन्नालाल रावत ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जीवटता, स्पष्ट सोच और राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्धता प्रेरणादायी है। उनका मार्गदर्शन समाज और राष्ट्रहित में कार्य करने के लिए नई ऊर्जा प्रदान करता है।
डॉ. रावत ने कहा कि जनजातीय समाज से जुड़े विषयों को मजबूती से आगे बढ़ाने और आदिवासी क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए केंद्र और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। मुलाकात को इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।