अब मशीनों की कसौटी पर वाहनों की फिटनेस, एटीएस से ही जारी होंगे प्रमाण पत्र

महेन्द्र नागौरी

29 बिंदुओं पर होगी जांच, एक भी टेस्ट फेल तो दोबारा देना होगा निरीक्षण शुल्क; भीलवाड़ा में पुर रोड का बालाजी फिटनेस एटीएस सक्रिय

भीलवाड़ा|स्मार्ट हलचल|वाहनों की फिटनेस जांच में पारदर्शिता और एकरूपता लाने के लिए अब ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) के जरिए फिटनेस परीक्षण एवं प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत देशभर में यह व्यवस्था लागू की जा रही है। राजस्थान में 43 एटीएस संचालित हैं, जबकि भीलवाड़ा में पुर रोड स्थित बालाजी फिटनेस एटीएस भी सक्रिय हो चुका है।
जिला परिवहन अधिकारी आर.के. चौधरी ने बताया कि एटीएस में वाहनों का 29 बिंदुओं पर विजुअल इंस्पेक्शन के साथ आधुनिक मशीनों से यांत्रिक परीक्षण किया जाएगा। इमीशन, ब्रेक, स्पीड, हेडलाइट, सस्पेंशन, स्टियरिंग एवं ज्वाइंट प्ले सहित विभिन्न जांचों में वाहन का पास होना अनिवार्य रहेगा। जांच के परिणाम केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के सिस्टम में दर्ज होंगे और उसी आधार पर फिटनेस प्रमाण पत्र जारी होगा।
एक भी टेस्ट फेल तो दोबारा जांच
अधिकारी ने वाहन मालिकों को फिटनेस जांच से पहले इंडिकेटर, हेडलाइट, ब्रेकिंग सिस्टम, टायर, पीयूसी, एचएसआरपी नंबर प्लेट सहित जरूरी मानकों की जांच कराने की सलाह दी है। वाहन अनफिट मिलने पर दोबारा परीक्षण कराना होगा। इसके लिए 3-व्हीलर व एलएमवी के लिए 708 रुपए तथा एमएमवी व एचएमवी के लिए 1,180 रुपए पुनः निरीक्षण शुल्क निर्धारित है।
यात्री एवं स्कूल बसों में फर्स्ट एड बॉक्स, शिकायत पुस्तिका, आपातकालीन द्वार, अग्निशमन यंत्र, आवश्यक सीसीटीवी, मालिक का नाम-मोबाइल नंबर सहित सुरक्षा इंतजाम पूरे होने भी जरूरी होंगे। अधिकारियों ने वाहन स्वामियों से निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद ही एटीएस पर वाहन प्रस्तुत करने की अपील की है।