कुलगुरू प्रो. बी.पी. सरस्वत के नेतृत्व में विश्वविद्यालय प्रबंध मंडल की बैठक, कई महत्वपूर्ण फैसलों पर लगी मुहर

वीसी प्रो. बी.पी. सरस्वत की अध्यक्षता में 61वीं प्रबंध मंडल बैठक, कर्मचारी हितों सहित विकास कार्यों पर निर्णय

सेवानिवृत्त कर्मचारियों की काल्पनिक वेतन वृद्धि, अतिरिक्त पेंशन-भत्ते और वित्तीय शक्तियों के निर्धारण को मंजूरी

कोटा। स्मार्ट हलचल|कोटा विश्वविद्यालय के प्रबंध मंडल की 61वीं बैठक बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में कुलगुरु बी पी सारस्वत की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक, वित्तीय, शैक्षणिक एवं विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श कर निर्णय लिए गए। बैठक की शुरुआत कुलगुरु द्वारा प्रबंध मंडल के सदस्यों के स्वागत के साथ हुई।
बैठक में प्रबंध मंडल ने 59वीं एवं 60वीं बैठकों के कार्यवाही विवरण तथा इनमें लिए गए निर्णयों के अनुपालन प्रतिवेदन का अनुमोदन किया। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत रहे स्वर्गीय राम प्रसाद मठोलिया के निधन के बाद उनकी पत्नी ममता देवी को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर दी गई अनुकंपा नियुक्ति के आदेश का भी अनुमोदन किया गया।

30 जून को सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
कुलगुरू प्रो.सारस्वत ने बताया कि बैठक में 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। राजस्थान सरकार के वित्त विभाग द्वारा जारी आदेशों एवं प्रावधानों के अनुरूप 1 जुलाई को देय वार्षिक वेतन वृद्धि को काल्पनिक रूप से स्वीकृत किए जाने संबंधी आदेशों को विश्वविद्यालय कर्मचारियों पर लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इससे निर्धारित प्रावधानों के तहत संबंधित सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लाभ मिल सकेगा।

70, 75 और 80 वर्ष की आयु पर अतिरिक्त पेंशन को मंजूरी

पेंशन एवं पारिवारिक पेंशन से जुड़े प्रस्तावों पर भी प्रबंध मंडल ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया। सेवानिवृत्ति के बाद पेंशनर अथवा पारिवारिक पेंशनर के क्रमशः 70, 75 एवं 80 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर देय अतिरिक्त पेंशन अथवा भत्ते संबंधी राजस्थान सरकार के वित्त विभाग के आदेशों को कोटा विश्वविद्यालय में लागू करने के प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया।

कुलसचिव को 25 हजार और विभागाध्यक्षों को 5 हजार तक की वित्तीय शक्ति

विश्वविद्यालय के कार्यों को अधिक सुचारू एवं प्रभावी बनाने के लिए सामग्री उपापन एवं सेवाओं के संबंध में शक्तियों की सीमा निर्धारित की गई। इसके तहत कुलसचिव को प्रति प्रकरण 25 हजार रुपये तक सामग्री उपापन एवं सेवाओं के लिए वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने का अधिकार दिया गया। वहीं विभागाध्यक्षों को प्रति प्रकरण 5 हजार रुपये तक की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति की शक्ति प्रदान की गई।

PWD की निर्धारित दरों पर होंगे सिविल-विद्युत कार्य

विश्वविद्यालय में होने वाले सिविल एवं विद्युत कार्यों के लिए राज्य सरकार के संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित प्रचलित PWD BSR लागू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इससे विश्वविद्यालय में निर्माण एवं विद्युत कार्यों के प्राक्कलन और निष्पादन में निर्धारित सरकारी दरों एवं मानकों के अनुरूप प्रक्रिया सुनिश्चित हो सकेगी।
बैठक में विश्वविद्यालय के खेल मंडल की बैठक के कार्यवाही विवरण का अनुमोदन किया गया। इसके अलावा 18 सितंबर को आयोजित विद्या परिषद तथा 17 सितंबर को आयोजित निरीक्षण मंडल की बैठक के कार्यवाही विवरण को भी प्रबंध मंडल ने मंजूरी दी।
बैठक में राज्य सरकार द्वारा नामित सदस्य मुरलीधर शर्मा, राज्य सरकार द्वारा नामित विधायक कल्पना देवी, उच्च शिक्षा विभाग राजस्थान सरकार के नामित सदस्य मुकेश शर्मा, कुलाधिपति नामित सदस्य राजेश कुमार यादव सहित प्रबंध मंडल के अन्य सदस्य, अधिष्ठाता एवं प्रोफेसर उपस्थित रहे। बैठक में विश्वविद्यालय की प्रशासनिक एवं शैक्षणिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनाने तथा शासन के प्रचलित नियमों और वित्तीय प्रावधानों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।