गढ़वा-रारी के बीच आवागमन ठप, 12-13 किमी का चक्कर बचाने के लिए जोखिम में डाल रहे जान
खखरेरू /स्मार्ट हलचल|फतेहपुर थाना क्षेत्र के गढ़वा और रारी गांव के बीच बहने वाली ससुर खदेरी नदी इन दिनों उफान पर है। इसके बावजूद ग्रामीण गन्ने के रस से गुड़ बनाने वाले लोहे के कड़ाह को रस्सी के सहारे नदी पार करने के साधन के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। करीब तीन-चार महीने पहले दोनों गांवों के बीच बना पक्का बांध टूटने के बाद ग्रामीणों ने यह जोखिम भरा तरीका अपनाया है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार गढ़वा और रारी के बीच बने बांध से पहले दोनों गांवों के लोग महज कुछ मिनट में आवागमन कर लेते थे। बांध टूटने के बाद अब लोगों को 12 से 13 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। लंबी दूरी से बचने के लिए कुछ ग्रामीणों ने नदी के दोनों किनारों पर रस्सी बांधकर गुड़ बनाने वाले बड़े कड़ाह को नदी पार करने के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।
नदी पार करते ग्रामीणों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्मार्ट हलचल की टीम ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की। टीम के पहुंचने पर कड़ाह मौके पर नहीं मिला, लेकिन नदी किनारे मौजूद बच्चों और ग्रामीणों ने कैमरे के सामने कड़ाह के सहारे नदी पार कर आवागमन किए जाने की जानकारी दी।
ग्रामीणों ने बताया कि रारी गांव के लोगों को खरीदारी के लिए पौली बाजार आना पड़ता है। सड़क मार्ग से बाजार पहुंचने के लिए करीब 12 से 13 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है, जबकि नदी के रास्ते दूरी महज चार से पांच किलोमीटर रह जाती है। इसी दूरी को बचाने के लिए लोग जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही टूटे बांध की मरम्मत या सुरक्षित आवागमन कीे व्यवस्था नहीं की गई तो किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी अश्वनी पांडेय ने बताया कि राजस्व कर्मियों को निर्देशित किया गया है मौका मुहाना करते हुए अग्रिम कार्रवाई किया जाएगा
