बद्री लाल माली
*स्कूल भवन के लिए ₹2 करोड़ DMFT से मांगे, डेयरी व ग्राम सेवा सहकारी समिति के गठन की भी मांग*
गुरला:- स्मार्ट हलचल|ग्राम पंचायत मोमी, पंचायत समिति सुवाणा के ग्रामीणों ने गांव के विकास एवं ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर तीन महत्वपूर्ण मांगों के संबंध में संबंधित अधिकारियों एवं विभागों को ज्ञापन सौंपे। ग्रामीणों ने नवसृजित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के नवीन भवन एवं अतिरिक्त कक्षा-कक्षों के निर्माण के लिए जिला मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) से ₹2 करोड़ की राशि स्वीकृत करनेग्राम पंचायत मुख्यालय पर दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति एवं दूध संग्रहण केन्द्र स्थापित करने तथा ग्राम सेवा सहकारी समिति लिमिटेड के गठन एवं पंजीयन की मांग प्रमुखता से उठाई।
विद्यालय के लिए ₹2 करोड़ की मांग
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर एवं अध्यक्ष, DMFT भीलवाड़ा को दिए ज्ञापन में बताया कि ग्राम पंचायत मोमी में उच्च माध्यमिक विद्यालय का नवसृजन होने के बावजूद वर्तमान भवन उच्च माध्यमिक स्तर की आवश्यकताओं के अनुरूप पर्याप्त नहीं है। ग्रामीणों ने मांग की कि DMFT से ₹2 करोड़ की राशि स्वीकृत कर नवीन विद्यालय भवन अथवा पर्याप्त अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का निर्माण कराया जाए। भवन में विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर/आईसीटी कक्ष, पुस्तकालय, कार्यालय, छात्र-छात्राओं के पृथक शौचालय, पेयजल, विद्युत एवं खेलकूद सहित आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएं।
ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर एवं घुमंतू परिवार रहते हैं। गांव में ही बेहतर उच्च माध्यमिक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध होने से विशेष रूप से गरीब एवं ग्रामीण विद्यार्थियों और बालिकाओं को इसका लाभ मिलेगा।
पशुपालकों के लिए गांव में डेयरी की मांग
दूसरे ज्ञापन में ग्राम पंचायत मुख्यालय पर दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति एवं स्थायी दूध संग्रहण केन्द्र स्थापित करने की मांग की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि बड़ी संख्या में परिवार पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन पर निर्भर हैं। गांव में सहकारी डेयरी स्थापित होने से दूध का वैज्ञानिक गुणवत्ता परीक्षण, पारदर्शी भुगतान एवं नियमित संग्रहण संभव होगा तथा पशुपालकों को उचित मूल्य मिल सकेगा। डेयरी के लिए दूध परीक्षण मशीन, दूध मापने एवं संग्रहण उपकरण, आवश्यक भवन, विद्युत-पेयजल, कंप्यूटर-प्रिंटर तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई। साथ ही महिलाओं को दुग्ध सहकारी व्यवस्था से अधिक से अधिक जोड़ने पर भी जोर दिया गया। किसानों के लिए ग्राम सेवा सहकारी समिति की मांग ग्रामीणों ने सहकारिता मंत्री एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, राजस्थान को ज्ञापन देकर **ग्राम सेवा सहकारी समिति लिमिटेड के गठन एवं पंजीयन की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि समिति बनने से किसानों को गांव में ही कृषि ऋण, खाद-बीज, कृषि आदान एवं अन्य सहकारी सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी और उन्हें इन सुविधाओं के लिए दूरस्थ स्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।ग्रामीणों ने तीनों प्रस्तावों पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए संबंधित विभागों की टीम से मौका निरीक्षण, सर्वे एवं विस्तृत लागत अनुमान तैयार करवाकर आगामी बैठकों में प्रस्तावों को प्राथमिकता से शामिल करने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने वालों में गोटू सिंह कानावत सोहन लोहार,रतन सिंह,बहादुर रेबारी, कालू रेबारी,हीरा लाल रेबारी,प्रह्लाद रेबारी, भगवती लाल रेबारी, गोटू रेबारी, उदय लाल रेबारी, छोगा लाल माली सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने कहा कि विद्यालय, डेयरी और ग्राम सेवा सहकारी समिति—ये तीनों योजनाएं मोमी के बच्चों, किसानों, पशुपालकों, महिलाओं और गरीब परिवारों के भविष्य से सीधे जुड़ी हैं। प्रशासन द्वारा सकारात्मक कार्रवाई होने पर इससे पूरे ग्राम पंचायत क्षेत्र की शिक्षा, रोजगार एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।