सामाजिक समरसता, विश्व शांति एवं सर्व धर्म जागरण का बना दिव्य संगम
मोड़ का निंबाहेड़ा (सुरेश चन्द्र मेघवंशी)
भगवान श्री देवनारायण जी की जन्मस्थली एवं माता साडु की अखंड तपोभूमि विश्व प्रसिद्ध मालासेरी डूंगरी तीर्थ स्थल पर पुरुषोत्तम (अधिक) मास के पूर्णिमा के पावन अवसर पर देशभर से पधारे 51 देवनारायण भगवान के सर्व समाज के पुजारियों (भोपाजी महाराज) तथा 36 कौमों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सोमवार से मंगलवार तक दो दिवसीय विराट धार्मिक एवं आध्यात्मिक महासम्मेलन भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन ने सामाजिक समरसता, धार्मिक एकता एवं विश्व कल्याण का अद्भुत संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ देश के विभिन्न राज्यों एवं क्षेत्रों से आए देवनारायण मंदिरों के पुजारियों के परिचय सम्मेलन से हुआ। इस सम्मेलन में समाज, संस्कृति, धार्मिक परम्पराओं तथा देवस्थानों में नियमित पूजा-अर्चना को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। सभी लोगों ने एक स्वर में धर्म, संस्कृति एवं समाज के उत्थान के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
इसके पश्चात भगवान श्री देवनारायण जी को श्रद्धा एवं भक्ति के साथ कमल पुष्प से सजावट कर साथ सर्व समाज के पुजारियों द्वारा सामूहिक छप्पन भोग चढ़ाया गया । सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में गंगा आरती की तर्ज पर देवनारायण भगवान की वह मालासेरी डूंगरी की महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें सम्पूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। आरती के दौरान “जय श्री देवनारायण” के जयघोषों से मालासेरी डूंगरी गूंज उठी।
आयोजन के दौरान 51 अखंड ज्योतियों का विशेष आकर्षण रहा। इन ज्योतियों की दिव्य आभा ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। श्रद्धालुओं ने इसे आध्यात्मिक ऊर्जा, विश्व कल्याण और मानवता के मंगल का प्रतीक बताया। चारों ओर प्रज्ज्वलित ज्योतियों की अलौकिक छटा ने सम्पूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत कर दिया।
कार्यक्रम में विश्व शांति, रोग निवारण, राष्ट्र की समृद्धि एवं मानव कल्याण की भावना से विशेष यज्ञ, अनुष्ठान, मंत्रोच्चार एवं दीपदान कार्यक्रम आयोजित किए गए। दो दिनों तक अखंड ज्योत निरंतर प्रज्ज्वलित रही तथा वैदिक विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न होते रहे। श्रद्धालुओं ने दीपदान कर अपने परिवार, समाज एवं राष्ट्र के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं एवं पुजारियों वह (भोपाजी जी महाराज) द्वारा सामूहिक मनोकामना पूर्ण मालासेरी डूंगरी की परिक्रमा की गई। हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान श्री देवनारायण जी के चरणों में अपनी आस्था व्यक्त करते हुए परिवार, समाज एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना की।
कार्यक्रम के संयोजक मालासेरी डूंगरी देवनारायण मंदिर के पुजारी हेमराज पोसवाल ने बताया कि सभी देव स्थानों एवं भगवान श्री देवनारायण जी के मंदिरों में शास्त्रसम्मत एवं नियमबद्ध पूजा-पद्धति को अपनाने का सामूहिक संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि धर्म तभी प्रभावी बनता है जब वह समाज में सदाचार, अनुशासन एवं सेवा की भावना को विकसित करे।
उन्होंने समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी उपस्थित लोगों को नशामुक्ति का संकल्प दिलाया। साथ ही युवा पीढ़ी को धर्म, संस्कृति एवं नैतिक शिक्षा के मूल्यों से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज ही स्वस्थ एवं समृद्ध राष्ट्र का निर्माण कर सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए पुजारी हेमराज पोसवाल ने कहा कि वर्तमान में देशभर के एक लाख से अधिक परिवारों में प्रतिदिन देव चालीसा का पाठ किया जा रहा है। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी अपने-अपने घरों में नियमित रूप से देव चालीसा का पाठ वह जय जय देव , घर घर देव का नाम जप किया जा रहा है, सभी को धर्म एवं संस्कृति के प्रचार-प्रसार में योगदान देने का संकल्प दिलाया ।
उन्होंने बताया कि भारत में पहली बार ऐसा ऐतिहासिक आयोजन सम्पन्न हुआ, जिसमें देशभर से आए गुर्जर, ब्राह्मण ,मेघवंशी, मीणा जाट समाज , धाकड़ समाज, राजपूत समाज,कुमावत समाज ,भील समाज ,गाडरी समाज , रेगर समाज, तेली साहू समाज ,माली समाज, चिता मेहरात सहित मुस्लिम समाज सहित कई समाजों के 51 पुजारियों ने एक मंच पर एकत्र होकर सामूहिक रूप से स्नेहभोज करते हुए विश्व शांति, मानव कल्याण, पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्र की सुख-समृद्धि तथा समस्त प्राणिमात्र के मंगल हेतु विशेष यज्ञ एवं धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न किए। यह आयोजन सामाजिक समरसता एवं धार्मिक समन्वय का अनूठा उदाहरण बन गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी पधारे हुए पुजारियों (भोपाओं ) का शॉल ओढ़ाकर, सम्मान-पत्र एवं श्री देवनारायण चालीसा भेंट कर अभिनंदन किया गया। इस दौरान समाज के वरिष्ठजन, धर्मप्रेमी एवं श्रद्धालुगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
वह मंदिर परिसर में विशाल महाप्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सम्पूर्ण आयोजन श्रद्धा, भक्ति, अनुशासन एवं सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण बनकर उपस्थित जनमानस के हृदय में अमिट छाप छोड़ गया।
इस मौके पर मालासेरी डूंगरी के पुजारी हेमराज पोसवाल, मंदिर समिति के अध्यक्ष जयदेव चाड़, पूर्व रिटायर्ड जज किशन गुर्जर , एडवोकेट अतर सिंह गुर्जर ,भगवान सिंह पोसवाल , पुजारी प्रल्हाद जाट चित्तौड़गढ़ , गाडरी महासभा के संभाग अध्यक्ष भेरू लाल गाडरी ,रामकुंवार मीणा जहाजपुर , देवनारायण गाथा वाचक देव भक्त बाबू खान मंसूरी , धनराज नागर झालावाड़, बीजेपी मंडल अध्यक्ष फौजमल गुर्जर ,लादू कुमावत रायपुर, कमल सिंह राठौड हुरुड़ा , माधु लाल मेघवंशी सांगानेर, रामदेव रैगर पंडेर, जगदीश मेघवंशी करजालिया , मुकेश जोशी मांडल , बद्री कुमावत जयपुर, लक्ष्मण नेखाड़ी,गिरिराज गुर्जर उदयपुर, डालू पोसवाल, देवी लाल पोसवाल, समिति से जुड़े पदाधिकारी सहित सनातन धर्म समिति के अध्यक्ष दिनेश सोनी , तीर्थराज सिंह , सहित कई लोग मौजूद रहे।
