27 अगस्त से नामांकन शुरू, 9 व 11 सितंबर को मतदान;
14 सितंबर को आएगा परिणाम, ब्यावर-अजमेर सहित जिले के निकायों में चुनावी सरगर्मी तेज
अनिल कुमार
ब्यावर।स्मार्ट हलचल|राजस्थान में लंबे समय से प्रतीक्षित नगर निकाय चुनावों का आखिरकार बिगुल बज गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के 309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्डों में पार्षद पदों के चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया। चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। चुनाव दो चरणों में होंगे। 9 सितंबर को पहले चरण और 11 सितंबर को दूसरे चरण का मतदान कराया जाएगा,
जबकि 14 सितंबर को मतगणना होगी।
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए बताया कि 27 अगस्त को अधिसूचना जारी होने के साथ नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और 31 अगस्त तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी। सभी निकायों में मतदान ईवीएम के माध्यम से कराया जाएगा।
ब्यावर सहित इन निकायों में 9 सितंबर को वोटिंग
पहले चरण में ब्यावर, पीसांगन, नसीराबाद, केकड़ी, सरवाड़, टाटोटी, सावर, विजयनगर और मसूदा में 9 सितंबर को मतदान होगा। वहीं दूसरे चरण में अजमेर, किशनगढ़ और पुष्कर में 11 सितंबर को मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव कार्यक्रम सामने आने के साथ ही इन क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
21 सितंबर को सभापति, मेयर और अध्यक्ष का चुनाव
पार्षदों के चुनाव के बाद 21 सितंबर को नगर निगम में मेयर, नगर परिषद में सभापति और नगरपालिका में अध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा। इसके अगले दिन 22 सितंबर को डिप्टी मेयर, उपसभापति और उपाध्यक्ष का चुनाव होगा। इसी दिन संबंधित निकायों की साधारण सभा की बैठक भी आयोजित की जाएगी।
1.44 करोड़ से अधिक मतदाता डालेंगे वोट
प्रदेश के 309 नगरीय निकायों के चुनाव में 1 करोड़ 44 लाख 3 हजार 853 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। चुनाव संपन्न कराने के लिए 1 लाख 15 हजार 255 कार्मिक लगाए जाएंगे, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के लिए 98 हजार 709 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। सबसे कम 4,744 मतदाता इंदरगढ़ में हैं, जबकि सबसे अधिक 24 लाख 20 हजार 839 मतदाता जयपुर नगर निगम में हैं।
आचार संहिता लागू, नई घोषणाओं पर रोक
चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही सभी 309 नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। अब चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक नई विकास योजनाओं की घोषणा और नए कार्यों के वर्क ऑर्डर जारी करने पर रोक रहेगी। हालांकि आचार संहिता लागू होने से पहले स्वीकृत और शुरू हो चुके विकास कार्य जारी रह सकेंगे। पहले से घोषित योजनाओं के कार्य भी नियमानुसार किए जा सकेंगे। इस दौरान तबादलों पर भी रोक रहेगी।
टिकट को लेकर राजनीतिक दलों में बढ़ी हलचल
वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। अब चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों में उम्मीदवारों के चयन को लेकर मंथन तेज हो गया है। वार्ड स्तर पर संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ गई है। नामांकन शुरू होने के साथ ही चुनावी तस्वीर और स्पष्ट होगी तथा शहरों में राजनीतिक गतिविधियां चरम पर पहुंचने की संभावना है।
उम्मीदवारों को चुनाव खर्च का पूरा विवरण मतदान प्रक्रिया के बाद 15 दिन के भीतर प्रस्तुत करना होगा।
