:- 22 सितंबर को निज महल से निकलेंगे कोटड़ी श्याम, रजत रेवाड़ी में विराजकर भक्तों के कंधों पर करेंगे नगर भ्रमण
राजेन्द्र बबलू पोखरना
कोटड़ी।
स्मार्ट हलचल|मेवाड़ के प्रमुख आस्था केंद्र कोटड़ी श्याम में वर्ष के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन जलझूलन महोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। 13 से 23 सितंबर तक होने वाले महोत्सव में भक्ति, आस्था और संस्कृति का महासंगम देखने को मिलेगा। भगवान श्री कोटड़ी चारभुजानाथ के आगमन की प्रतीक्षा में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। मंदिर ट्रस्ट एवं श्रद्धालुओं की ओर से सोमवार को महोत्सव के पोस्टर का विमोचन कर तैयारियों का शंखनाद किया गया। महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण 22 सितंबर को होगा। इस दिन भगवान श्री कोटड़ी चारभुजानाथ निज महल से बाहर निकलकर रजत रेवाड़ी में विराजमान होंगे। इसके बाद श्रद्धालु रजत रेवाड़ी को अपने कंधों पर उठाकर जलझूलन के लिए ले जाएंगे और प्रभु का नगर भ्रमण करवाएंगे। नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह श्रद्धालु आरती उतारकर, पुष्पवर्षा कर और जयकारों के साथ प्रभु का स्वागत करेंगे। भगवान की एक झलक पाने के लिए हजारों श्रद्धालुओं के उमड़ने की उम्मीद है।
दीपावली की तरह जगमगाएगा कोटड़ी कस्बा
मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष सुदर्शन गाड़ोदिया ने बताया कि जलझूलन महोत्सव को लेकर कोटड़ी को दीपावली की तरह सजाने की तैयारियां की जा रही हैं। मंदिर परिसर, प्रमुख मार्गों और बाजारों में आकर्षक रोशनी एवं सजावट की जाएगी। धार्मिक झांकियों और विद्युत सज्जा से पूरे कस्बे को भव्य स्वरूप दिया जाएगा। शाम होते ही कोटड़ी श्याम नगरी रोशनी से जगमगाती नजर आएगी।
13 से 23 सितंबर तक धार्मिक आयोजनों की धूम
मंदिर ट्रस्ट के कार्यक्रम के अनुसार 13 सितंबर को रासलीला के साथ महोत्सव का आगाज होगा। 14 सितंबर को गणेश पूजन, अभिषेक, आरती-हवन, भगवान गणेश की शोभायात्रा एवं रासलीला होगी। 15 व 16 सितंबर को भी रासलीला का आयोजन होगा। 17 सितंबर को कावड़ियों का प्रस्थान तथा भगवान देवनारायण की जीवन गाथा पर भजन संध्या होगी। वही 18 सितंबर को कावड़ियों का आगमन एवं उत्तरमुखी बालाजी मंडल की ओर से संगीतमय सुंदरकांड पाठ होगा। जबकि 19 सितंबर को राधाजी की पूजा, छप्पन भोग दर्शन, आरती-हवन एवं स्थानीय विद्यालयों के सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे ओर 20 सितंबर को कवि सम्मेलन तथा 21 सितंबर को भजन संध्या का आयोजन होगा।
22 सितंबर को उमड़ेगा आस्था का सैलाब
मुख्य आयोजन 22 सितंबर को होगा। दोपहर 3 बजे भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। रजत रेवाड़ी में विराजमान प्रभु नगर भ्रमण पर निकलेंगे। रात 8 बजे से अगले दिन सुबह 9 बजे तक भजन संध्या का आयोजन होगा। नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं को प्रभु के दर्शन का लाभ मिलेगा।महोत्सव में राजस्थान सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यातायात, सुरक्षा, पेयजल सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं।
पोस्टर विमोचन के साथ दिया महोत्सव का न्योता
पोस्टर विमोचन के दौरान मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष सुदर्शन गाड़ोदिया, सचिव श्याम सुंदर चेचानी, कोषाध्यक्ष चंपालाल तेली, गुर्जर समाज मंदिर निर्माण समिति अध्यक्ष रामलाल गुर्जर, भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रहलाद सेन, भाजपा नेता भरत सिंह, सीआर राजेंद्र तेली, ट्रस्टी जगदीश सोनी, ओम पालीवाल, कैलाश काबरा, कमल डीडवानिया, नारायण माली, सत्यनारायण तेली, अनिल प्रजापत, श्याम सुंदर भट्ट सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे। मंदिर ट्रस्ट ने धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से जलझूलन महोत्सव में कोटड़ी श्याम पहुंचकर प्रभु के दर्शन, नगर भ्रमण एवं धार्मिक आयोजनों में शामिल होने का आह्वान किया है।
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