हम भारत के लोग: संविधान का समाज को एकात्म संदेश” पर व्याख्यान

हस्तीमल व्याख्यानमाला 13 सितंबर को

– हनुमान सिंह राठौड़ होंगे मुख्य वक्ता
– संविधान चित्र प्रदर्शनी एवं साहित्य रहेगा प्रमुख आकर्षण

उदयपुर, 5 सितंबर। स्मार्ट हलचल|पाथेय कण संस्थान एवं विश्व संवाद केन्द्र समिति के संयुक्त तत्वावधान में हस्तीमल व्याख्यानमाला का प्रथम व्याख्यान 13 सितंबर रविवार को कार्यक्रम के सहआयोजक रवीन्द्रनाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय उदयपुर के मुख्य सभागार में आयोजित किया जाएगा।भारतीय संविधान की प्रस्तावना के प्रारंभिक शब्द ‘हम भारत के लोग’ को केंद्र में रखते हुए इस व्याख्यानमाला का आयोजन किया जा रहा है। भारतीय संविधान के शब्दों  ‘हम भारत के लोग’ में भारत के लोकतांत्रिक स्वरूप, सामूहिक चेतना, नागरिक दायित्व के साथ एकात्म भाव निहित है। यह व्याख्यान इन्हीं भावों को संविधान से समाज तक जोड़ते हुए व्याख्यानमाला के माध्यम से सार्थक वैचारिक संवाद की पहल है।

व्याख्यान में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पाथेय कण संस्थान के अध्यक्ष एवं हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. नंदकिशोर पाण्डेय करेंगे।

कार्यक्रम संयोजक विकास छाजेड़ ने बताया कि कीर्तिशेष हस्तीमल हिरण का जीवन समाज एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण, सेवा और दायित्वबोध का प्रेरक उदाहरण रहा है। उनके जीवन में सामाजिक सरोकारों के साथ संतों एवं समाज के विभिन्न वर्गों से आत्मीय जुड़ाव रहा।
कीर्तिशेष हिरण ने अपने 75वें जन्मदिवस पर नेत्रदान एवं देहदान का संकल्प लिया था। उनके निधन के पश्चात उनके नेत्र तथा देह चिकित्सा शिक्षा एवं शोध के लिए रवीन्द्रनाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के शरीर रचना विभाग को समर्पित किया गया। उनका यह संकल्प और उसका पालन समाज के लिए सेवा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की प्रेरणा है। सेवा और समर्पण की इसी भावना को व्याख्यानमाला के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

*देहदान करने वाले परिवारों का सम्मान*

आरएनटी आयुर्विज्ञान महाविद्यालय उदयपुर के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. राहुल जैन ने बताया कि कार्यक्रम में पिछले वर्ष 2025 व 2026 में देहदान कर चुके दिवंगत व्यक्तियों के परिवारजन का सम्मान किया जाएगा। देहदान के माध्यम से चिकित्सा शिक्षा एवं समाज के लिए योगदान देने वाले इन परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ ही कार्यक्रम में अंगदान एवं देहदान के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया जाएगा।

*संविधान चित्र प्रदर्शनी और साहित्य केन्द्र*

कार्यक्रम स्थल पर भारतीय संविधान पर विशेष चित्र प्रदर्शनी लगाई जाएगी। संविधान की मूल भावना एवं उसके विभिन्न पक्षों को समाज के सामने रखने वाली यह प्रदर्शनी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगी। इसके साथ ही विभिन्न प्रकाशकों एवं लेखकों का साहित्य भी कार्यक्रम स्थल पर उपलब्ध रहेगा।