ओम जैन
शंभूपुरा। स्मार्ट हलचल|सेन्थी शांतिभवन में आचार्य संप्रदाय के युगप्रधान आचार्य भगवन् श्री शिव मुनि जी म सा का 85वां जन्मदिवस श्रद्धा एवं उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर गुणानुवाद सभा का आयोजन किया गया, जिसमें उनके जीवन, साधना एवं आध्यात्मिक योगदान का स्मरण किया गया।
सभा में बताया गया कि आचार्य भगवन् श्री का जन्म 18 सितंबर 1942 के रनिया मलोट मंडी में हुआ सूर्य के भांति आपका जन्म हुआ, आपके जन्म से सब और हर्षोल्लास छा गया उनके माता-पिता के रूप में माता विद्यादेवी एवं पिता श्री चिरंजीवी लाल का उल्लेख किया गया। वर्तमान में आचार्य भगवन् सूरत में विराजमान हैं। जैन सिद्धांताचार्य प्रतिभाश्रीजी महाराज साहब को उनके दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
प्रवचन के दौरान साध्वी प्रेक्षाश्रीजी महाराज साहब ने मन, वचन और काया के माध्यम से योग साधना के स्वरूप पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को ध्यान की साधना से जुड़ने तथा आत्मध्यान शिविर में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आत्मध्यान के माध्यम से साधक अपने भीतर की आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
इस अवसर पर तपस्वी रत्ना दीक्षिता श्रीजी महाराज साहब की तपस्या के निमित्त जैन दिवाकर महिला मंडल की ओर से चौबीसी रखी गई।
कार्यक्रम में नींबोद से आए मनीष भटेवरा एवं पवन पटवारी, अमरचंद लोड़ा संपत चपलोद सहित अमयज जन्मदिवस के उपलक्ष में गीति का प्रस्तुत की गई तथा अपने विचार एवं भाषण के माध्यम से आचार्य भगवन् के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से भाग लेकर आयोजन को सफल बनाया।