बूंदी के तलवास जंगल का शांत क्षैत्र पेंथर को आया रास, जंगल सफारी हेतु तलवास का एक जोन बनाने की मांग- मूलचंद शर्मा

स्मार्ट हलचल|बूंदी जिले में अरावली पर्वतमाला की पहाड़ियों का अनुठा संगम हैं। इन पहाड़ियों की श्रृंखला में तलवास का क्षैत्र भी आता हैं। तलवास में पहाड़,घने जंगल, पानी, शांत वातावरण होने के कारण जंगली जानवरों को यह क्षैत्र रास आता है। तलवास के आसपास के जंगलों में पेंथर व भालू का मुवमेंट बना रहता हैं। यह मुवमेंट यहां के भविष्य के लिए सुखद समाचार हैं। रामगढ़ विषधारी अभयारण्य से जुड़ा यह क्षैत्र हर दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण स्थान है। यहां पर लगातार पेंथर की उपस्थिति महत्व रखती है। यह पेंथर भयमुक्त होकर क्षैत्र में भ्रमण करता है। तलवास जेतपुर सड़क मार्ग पर वन विभाग की सुरक्षा दीवार पर व सड़क किनारे कितने ही व्यक्तियों को नजर आया है।

समाजसेवी मूलचंद शर्मा ने बताया कि प्राकृतिक प्रेमी तथा तलवास ग्रामीणों की मांग है कि पर्यटकों के भ्रमण हेतु तलवास क्षैत्र में रामगढ़ विषधारी अभयारण्य का एक जोन बनाने की आवश्यकता हैं। इस बाबत राज्य सरकार एवं सम्बन्धित मंत्री व अधिकारियों से ज़र्रे पत्र अनुरोध किया जा रहा है। तलवास के जंगलों में सुरक्षा, जल, घास, जंगली जानवरों, पर्यटन स्थलों की पर्याप्तता है। पर्यटकों को भ्रमण करने हेतु जंगली जानवरों के अलावा पानी के झरने, विशाल टांके, मन्दिर, सनसेट प्वाइंट, विशाल जंगल, रतनसागर झील सहित अन्य अलग-अलग दृष्टिकोण के विविध पाइंट है। वन विभाग द्वारा पूर्व में अजीतगढ़ किले पर जाने का रास्ता बनाया गया है। रतनसागर झील के चारों तरफ भी आवागमन हेतु सुगम रास्ता हैं। इस क्षैत्र को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित होने का इन्तजार है।