महेन्द्र नागौरी
भीलवाड़ा|स्मार्ट हलचल|वरिष्ठ नागरिक मंच (संस्थान) की ओर से आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेशाध्यक्ष भंवर सेठ ने बुजुर्गों के अधिकारों को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए 21 सूत्रीय मांग पत्र पेश किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
भंवर सेठ और प्रदेश महामंत्री मदन खटोड़ के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में सामाजिक सुरक्षा पेंशन न्यूनतम 5000 रुपए प्रतिमाह करने, कोविड काल में बंद रेल रियायतों को पुनः शुरू करने और नेशनल पॉलिसी ऑन ओल्डर पर्सन 1999 में संशोधन कर तत्काल लागू करने की मांग प्रमुख रही।
मंच ने प्रत्येक जिले में वरिष्ठ नागरिक भवन, जेरियाट्रिक वार्ड और सस्ती स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने, बस किराए में 50% छूट, अस्पतालों में प्राथमिकता के साथ निशुल्क इलाज और मोहल्ला क्लिनिक स्थापित करने की मांग भी उठाई। साथ ही हेल्पलाइन 14567 को 24 घंटे संचालित करने, मेंटेनेंस एक्ट 2007 में संशोधन और अकेले रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए मजबूत पुलिस बीट व्यवस्था की जरूरत बताई।
इसके अलावा सहारा व आदर्श क्रेडिट संस्थाओं में फंसी राशि लौटाने, बिना पेंशन वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को एफडी पर 2% अतिरिक्त ब्याज देने और आरजीएचएस योजना को प्रभावी बनाने की मांग भी शामिल है।
बैठक में श्याम कुमार डाड, कृष्ण गोपाल सोमानी, कैलाश पुरोहित, उमा शंकर शर्मा, राकेश सक्सेना, बालमुकंद मोदी, वीणा खटोड़, विजयलक्ष्मी सोमानी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। मंच ने दो टूक कहा—अब अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी।
