माफियाओं की चाल फिर नाकाम,रेड नदी क्षेत्र में दिन-रात निगरानी तेज
डीएफओ के निर्देशन में वन विभाग की सख्त कार्रवाई-अवैध खनन पर “जीरो टॉलरेंस” नीति लागू
शिवराज बारवाल मीना
टोंक/उनियारा।स्मार्ट हलचल|जिले के उनियारा उपखंड क्षेत्र के बनेठा थाना अंतर्गत रेड नदी बनास क्षेत्र में अवैध बजरी खनन एवं परिवहन पर रोक लगाने के लिए वन विभाग ने कार्रवाई और अधिक तेज कर दी है। विभाग द्वारा पूर्व में अवैध बजरी परिवहन में उपयोग किए जा रहे संभावित रास्तों को काटकर बंद किया गया था, लेकिन बजरी माफियाओं ने इन रास्तों को दोबारा भरकर पुनः चालू करने का प्रयास किया। मामले को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध बजरी खनन व परिवहन के उन रास्तों को दुबारा से जेसीबी मशीन द्वारा काट दिया तथा क्षेत्र में गश्त और निगरानी को और अधिक सख्त कर दिया है। विभाग द्वारा संवेदनशील इलाकों में लगातार मॉनिटरिंग कर अवैध खनन एवं परिवहन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा रहा है।
कार्यवाहक डीएफओ टोंक अनुराग महर्षि के निर्देशन में एसीएफ देवली डॉ. सुरेन्द्र सिंह एवं रेंजर उनियारा पंकज शर्मा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। विभागीय अधिकारी एवं फील्ड स्टाफ दिन-रात गश्त कर अवैध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। एसीएफ देवली डॉ. सुरेन्द्र सिंह ने स्पष्ट कहा कि ककोड़ वन क्षेत्र एवं बनेठा रेड नदी बनास क्षेत्र में अवैध बजरी खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बजरी माफियाओं द्वारा रास्तों को दोबारा भरने जैसी गतिविधियां कानून का खुला उल्लंघन हैं और ऐसे मामलों में विभाग पूरी सख्ती से कार्रवाई करेगा। उन्होंने बताया कि अवैध खनन से न केवल वन क्षेत्र एवं पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, बल्कि नदी तंत्र, वन्यजीव आवास और आसपास के प्राकृतिक संसाधनों पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। वन विभाग ने स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि कहीं भी अवैध बजरी खनन, परिवहन अथवा संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को दें। विभाग ने चेतावनी दी है कि अवैध खनन, सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने अथवा वन भूमि को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
