भीलवाड़ा । छोटा बच्चा भविष्य में जीता है वह हमेशा आगे की सोचता है कि कल क्या होगा, बड़ा होकर क्या बनूंगाl अर्थात बच्चा आशा और कल्पना में जीता है जबकि युवा वर्तमान में जीता है, युवावस्था कर्म और संघर्ष का समय है। युवा आज को सुधारने, लक्ष्य पाने, काम करने और जीवन बनाने में लगा रहता है और बूढ़ा व्यक्ति अतीत में जीता हैl बुढ़ापे में व्यक्ति अपने अनुभव, यादें, सफलताएँ और बीते दिनों को याद करता रहता है। वह अक्सर कहता है हमारे समय में ऐसा होता था। यानी वह स्मृतियों और अनुभवों में जीता है। हमे बूढ़ा नहीं, वरिष्ठ बनना है क्योंकि आज जो कुछ भी हमारे पास है वह कल टूट जाएगा या फूट जायेगा और कुछ नहीं तो छूट तो जाएगा ही। तो फिर हम क्यों शरीर,संबंधियों और संपत्ति के पीछे पड़े हैं । हमें एक दिन ये सभी छोड़ कर जाना ही हैं। यह विचार परम पूज्य स्वामी सत्यानंद सरस्वती वृंदावन वालो ने वरिष्ठ नागरिक मंच की मासिक बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सब को पता है कि हमें एक दिन सबकुछ छोड़ कर जाना है परंतु इसे स्वीकार कोई नहीं करता। जीवन अनुभव का विषय है, विचार का नहींl हमारा मन यदि शांत हो जाए तो जीवन आनंदमय बन जाता है। अतः हमें हर परिस्थिति में आनंद से रहना आना चाहिए। अध्यक्ष मदन खटोड़ ने बताया कि “वरिष्ठ नागरिक मंच” की आयोजित होने वाली प्रत्येक मासिक बैठक में किसी न किसी संत, महात्मा, डॉक्टर्स, किसी बीमारी के विशेष जानकार चिकित्सीय विशेषज्ञ, ध्यान, योग, अन्य किसी भी विषय के विशेषज्ञों आदि को बुला कर उनके विचार व्यक्त करने का अवसर प्रदान किया जाता है। इसी क्रम में आज स्वामी सत्यानंद सरस्वती का आशीर्वचन प्राप्त हुआ। बैठक में सर्वप्रथम दीप प्रज्वलन के पश्चात महिला सचिव वीणा खटोड,भजन प्रभारी मंजुलता भट्ट एवं उर्मिला माहेश्वरी ने पूरा वन्देमातरम का गायन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संचालन करते हुए महासचिव कृष्ण गोपाल सोमानी ने बताया कि नए बने सदस्य रामजस विजयवर्गीय एवं आशा विजयवर्गीय का, मई माह जिन सदस्यों का जन्मदिन है उनका और हाल ही में देहदान की घोषणा करने वाले सदस्य राधेश्याम शर्मा का तिलक माला उपरना आदि से स्वागत किया गया। यात्रा प्रभारी अरुण कुमार आचार्य ने हाल ही में संपन्न 40 सदस्यों की यूरोप यात्रा का विवरण प्रस्तुत कर बहुत ही ज्ञानवर्धक जानकारी साझा की। बैठक में दामोदर अग्रवाल (निरमा वाले), ललिता अग्रवाल, मूलचंद बाफना, शकुंतला बाफना,भूतपूर्व सैनिक रतन देव शर्मा, गणेश लाल गुप्ता,गायत्री देवी गुप्ता, रजनी देवी जैन,रवींद्र जैन, कन्हैया लाल मूंदड़ा,सुरेश न्याति,ओम प्रकाश बूलिया आदि का मंच को प्रदान किए गए सहयोग हेतु विशेष सम्मान किया गया। स्वागत भाषण श्याम कुमार डाड ने दिया और धन्यवाद ज्ञापन संयुक्त महासचिव कैलाश चंद्र सोमानी ने किया।बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष बसंती लाल मूंदड़ा, कैलाश चंद्र पुरोहित,प्रमोद कुमार तोषनीवाल,सुशील बंसल बालमुकंद मोदी,उमा शंकर शर्मा,दिनेश भट्ट,सुरेश पटवारी,विजयलक्ष्मी सोमानी,सरोज अग्रवाल,जतन हिंगड,रमा पुरोहित,पुष्पा तोषनीवाल ,मंजू खटवड आदि उपस्थित थे।

