भागचंद सैनी हत्याकांड के बीच रूपवास-ककोड़ क्षेत्र में फिर से हथियार व बारूद मिलने की चर्चा-कई लोगों को डिटेन कर पूछताछ जारी
शिवराज बारवाल मीना
टोंक/उनियारा। स्मार्ट हलचल|उनियारा सर्किल के बनेठा थाना क्षेत्र में शनिवार, 9 मई को उस समय सनसनी फैल गई, जब रूपवास-ककोड़ के पास पहाड़ी इलाके में आधा दर्जन अवैध हथियार और बारूद मिलने की सूचना सामने आई। हालांकि देर रात तक पुलिस प्रशासन की ओर से मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई, लेकिन पूरे क्षेत्र में घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया। सूत्रों के अनुसार सूचना मिलते ही बनेठा थाना पुलिस सक्रिय हो गई और क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ा दी गईं। वहीं रूपवास ग्राम पंचायत के सरपंच (प्रशासक) छोटूलाल मीणा सहित ग्रामीणों ने कथित तौर से आरोप लगाया कि पुलिस ने शनिवार दिन में राजेन्द्र बैरवा को फोन कर थाने पर बुलाया तथा देर रात गांव में दबिश देकर रूपवास से बाबू हरिजन, गड़ूल, चन्नी हरिजन सहित कुल चार जनों को तथा ककोड़ क्षेत्र से भी कुछ लोगों को पूछताछ के नाम पर हिरासत में लिया। जानकारी यह भी है कि बाबूलाल हरिजन को कांस्टेबल भागचंद सैनी की हत्या के बाद भी पूछताछ के लिए डिटेन किया था और बाद में पूछताछ कर छोड़ दिया गया था। ग्रामीणों का कथित रूप से आरोप है कि इन लोगों को ककोड़ पुलिस चौकी और बनेठा थाना में घंटों बैठाकर परेशान किया गया और थाने में बंद कर दिया गया। ग्रामीणों में बिना स्पष्ट जानकारी लंबे समय तक थाने में बैठाने की कार्रवाई को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। जानकारी के मुताबिक पुलिस रूपवास और ककोड़ क्षेत्र के कुछ लोगों से लगातार पूछताछ कर रही है। वहीं उनियारा पुलिस उपाधीक्षक आकांक्षा चौधरी भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और घटनाक्रम की मॉनिटरिंग कर रही हैं। इधर, ककोड़ चौकी पर तैनात सिपाही भागचंद सैनी की 3 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मिली लाश और चर्चित हत्याकांड का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि अब अवैध हथियारों की सूचना ने पूरे इलाके का माहौल फिर गर्मा दिया है। ग्रामीणों और आमजन के बीच पुलिस की कार्यशैली तथा हत्याकांड के खुलासे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। गौरतलब है कि पुलिस ने भागचंद सैनी हत्याकांड में ट्रक-ट्रेलर चालक जीजा-साला को शिकारी बताते हुए गिरफ्तार कर मामले का खुलासा करने का दावा किया था, लेकिन अब क्षेत्र में यह सवाल भी उठने लगे हैं कि गिरफ्तार आरोपी ही वास्तविक हत्यारे हैं या मामले में अभी और परतें खुलना बाकी हैं। पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में संभावित सह-आरोपियों का उल्लेख किए जाने के बाद संशय और चर्चाएं और तेज हो गई हैं। फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर ग्रामीणों, आमजन और क्षेत्रीय लोगों में उत्सुकता और संशय का माहौल बना हुआ है। पुलिस की आगामी कार्रवाई और आधिकारिक खुलासे पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
