ज्वलंत समस्याओं को लेकर श्रमिक संगठनों में आक्रोश, कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर मांगो को लेकर सौपा ज्ञापन

भीलवाड़ा। मजदूरों एवं श्रमिक वर्ग की मांगों के संबंध में देश की सभी केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर भारतीय ट्रेड यूनियन सीटू सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों द्वारा देशभर में मजदूरों, कर्मचारियों और मेहनतकश जनता की ज्वलंत समस्याओं को लेकर ज्ञापन दिया गया जिसमें इंटर यूनियन के जिला अध्यक्ष दीपक व्यास महामंत्री कान सिंह जलदाय यूनियन से कन्हैया लाल जी शर्मा भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र सीटू के प्रदेश सचिव ओमप्रकाश देवाणी टेक्सटाइल यूनियन के सोनू शर्मा गणेश लाल गहलोत नरेंद्र मराठा भेरूलाल तेली भागीरथ बबलू सिंह वशिष्ठ राजवीका जिला अध्यक्ष अनीता कंवर जिला बिल्डिंग वर्कर्स यूनियन से जोरा बानो मोतीलाल इंटक टेक्सटाइल श्रमिक गोपाल गुर्जर हरिप्रकाश जोशी मदन सिंह भोपाल जाट गणेश सालवी मनोहर लाल मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव कुलदीप सिंह आदि कई श्रमिकों ने मुखर्जी पार्क पर एकत्रित होकर रैली निकालकर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया । आज देश का श्रमिक वर्ग बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, निजीकरण, ठेका प्रथा, श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी बदलाव तथा दमनकारी नीतियों से गंभीर संकट का सामना कर रहा है। मजदूरों की मेहनत से देश की अर्थव्यवस्था चलती है, लेकिन उन्हें सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा और सुरक्षित कार्यस्थल तक उपलब्ध नहीं हैं।
हम निम्नलिखित मांगों को तत्काल लागू करने की मांग करते हैं— गिरफ्तार किए गए सभी श्रमिकों और कार्यकर्ताओं की तत्काल एवं बिना शर्त रिहाई की जाए तथा सभी झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं। श्रमिक विरोधी श्रम संहिताओं को वापस लिया जाए तथा ट्रेड यूनियनों के साथ त्रिपक्षीय वार्ता कर भारतीय श्रम सम्मेलन का आयोजन किया जाए। न्यूनतम वेतन कम से कम 26,000 रुपये प्रतिमाह सुनिश्चित किया जाए। 8 घंटे का कार्यदिवस लागू किया जाए तथा अतिरिक्त कार्य के लिए दोगुना ओवरटाइम भुगतान सुनिश्चित किया जाए। सभी श्रमिकों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल एवं वैधानिक श्रम अधिकार लागू किए जाएं। संविदा एवं ठेका श्रमिकों को समान काम के लिए समान वेतन और सभी सुविधाएं दी जाएं तथा नियमितीकरण किया जाए। सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण और श्रमिक विरोधी नीतियों पर रोक लगाई जाए।
आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण किया जाए तथा सस्ती एलपीजी उपलब्ध कराई जाए। सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, ईएसआई और पीएफ की गारंटी दी जाए। लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करते हुए श्रमिक आंदोलनों पर दमन बंद किया जाए। अतः महामहिम से आग्रह है कि देश के करोड़ों मेहनतकश मजदूरों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उपरोक्त मांगों पर तत्काल सकारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। वह तो सभी मांगों को लेकर जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम मांग पत्र दिया गया।