स्मार्ट हलचल|मांडलगढ़ के मुणपुरा ग्राम में निरंकारी सत्संग का आयोजन विशेष सत्संग के रुप मे महात्मा दुर्गालाल जी के आवास पर किया गया। सत्संग का आयोजन भीलवाड़ा मुखी व ब्रह्मज्ञानी महात्मा ग्यारसीलाल जी के सानिध्य में हुआ जिसमें उन्होंने साध संगत को संबोधित करते हुए सत्गुरु की महिमा का वर्णन किया। महात्मा ग्यारसीलाल जी ने कहा कि सत्गुरु वह है जो सत्य का बोध कराकर तत्वज्ञान प्रदान करता है और मन के सभी भ्रम दूर करता है। उन्होंने बताया कि सत्गुरु न केवल सही मार्ग दिखाता है, बल्कि भटकी हुई आत्मा को मंजिल तक पहुंचाने का कार्य भी करता है। उनके अनुसार, सद्गुरु सर्व समर्थवान होता है और उसके समान कोई दूसरा दाता नहीं होता।
सत्संग में उन्होंने समझाया कि जब भक्त सत्गुरु से ब्रह्मज्ञान प्राप्त कर उसी मार्ग पर चलता है, तभी उसके जीवन की उलझनें दूर होती हैं। प्रभु परमात्मा की असीम शक्ति से जुड़ने पर भक्त के जीवन में विशालता, विनम्रता और प्रेम की भावना का विकास होता है। उन्होंने यह भी कहा कि भक्ति का प्रभाव व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ पूरे समाज पर भी सकारात्मक असर डालता है।सत्संग के दौरान महात्मा ग्यारसीलाल जी ने उपस्थित साध-संगत को वचनों स्वरूप आशीर्वाद प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की । सत्संग में बड़ी संख्या में आसपास के गांवों के श्रद्धालओं ने भाग किया। इस दौरान महात्मा सुखदेव, मुकेश कुमार,राजकुमार,
भोपाल,ओमप्रकाश,
शंकरलाल सहित अन्य संतगण मौजूद रहे।
