• वर्ष 2025 के प्रारम्भ से ही पुलिस चला रही है जीरो टॉलरेंस अभियान; माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद कार्रवाई में आई और तेजी
जयपुर 22 मई।स्मार्ट हलचल।राष्ट्रीय चम्बल घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध रेत/बजरी के खनन, भंडारण और परिवहन के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के लिए महानिदेशक पुलिस राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार राजस्थान पुलिस द्वारा वर्ष 2025 के प्रारम्भ से ही लगातार जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी निरंतर कार्रवाई के बीच माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सुओ मोटो सिविल रिट में गत 17 अप्रैल 2026 को जारी किए गए निर्देशों की पालना में अब इस अभियान को और अधिक व्यापक व गति प्रदान की गई है। पुलिस मुख्यालय की अपराध शाखा के विशेष पर्यवेक्षण में जिला धौलपुर और जिला करौली पुलिस द्वारा संयुक्त व प्रभावी समन्वय स्थापित कर चम्बल नदी के प्रभावित तटीय क्षेत्रों में रेत के अवैध कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई को लगातार जारी रखा गया है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक(कानून एवं व्यवस्था) श्री वी.के.सिंह ने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा पूर्व से ही संचालित इन कार्यवाहियों के तहत वर्ष 2025 के प्रारम्भ से लेकर माह अप्रैल 2026 तक की अवधि में दोनों जिलों में रिकॉर्ड 392 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस अनुसंधान की त्वरित गति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दर्ज किए गए इन कुल मुकदमों में से 342 प्रकरणों में पुलिस द्वारा गहन तफ्तीश पूर्ण कर माननीय न्यायालयों के समक्ष आरोप पत्र भी पहले ही प्रस्तुत किए जा चुके हैं, जबकि शेष मामलों में तफ्तीश तेजी से जारी है।
श्री सिंह ने बताया कि बजरी माफिया के संगठित तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए पुलिस ने पूर्व से ही एक मजबूत रणनीति अपनाई है, जिसके तहत केवल ट्रैक्टर चालकों को पकड़ने के बजाय वाहनों के पंजीकृत मालिकों को भी सह-आरोपी बनाया जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक दर्ज मुकदमों में से कुल 195 ऐसे मामले हैं जिनमें अवैध बजरी परिवहन में लिप्त वाहनों के चालकों के साथ-साथ उनके वास्तविक मालिकों को भी चिन्हित कर सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। पुलिस द्वारा तैयार की गई अपराधियों की कुंडली में यह भी सामने आया है कि वर्ष 2024 से लेकर अब तक गिरफ्तार किए गए अपराधियों में से 70 ऐसे शातिर रिपीट ऑफेन्डर्स (आदतन अपराधी) हैं, जो एक से अधिक बार इस अवैध धंधे में शामिल पाए गए हैं।
1. *अवैध बजरी खनन के विरुद्ध धौलपुर जिले की विशेष उपलब्धियां*
धौलपुर जिला पुलिस द्वारा राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र में बजरी माफियाओं के खिलाफ बड़ी और प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जिला एसपी विकास सांगवान के अनुसार चंबल नदी से होने वाले अवैध बजरी खनन, निर्गमन और परिवहन के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए धौलपुर पुलिस ने वर्ष 2025 के प्रारंभ से लेकर अप्रैल 2026 तक की अवधि में रिकॉर्ड 353 आपराधिक मुकदमे दर्ज किए हैं। इनमें से वर्ष 2025 में 250 मुकदमे और वर्ष 2026 में अप्रैल माह तक 103 मुकदमे दर्ज किए गए।
दर्ज किए गए इन मामलों में त्वरित विधिक पैरवी सुनिश्चित करते हुए धौलपुर जिला पुलिस ने कुल 306 मामलों में न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र पेश कर दिया है। इसमें वर्ष 2025 के दर्ज मुकदमों में से 236 मामलों में और वर्ष 2026 के मुकदमों में से 70 मामलों में चालान पेश किया जा चुका है। इसके अलावा केवल 11 मामलों में एफआर लगाई गई है, जबकि 36 मामले वर्तमान में जांच के अधीन हैं।
बजरी तस्करों के संगठित नेटवर्क को तोड़ने के लिए धौलपुर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए कुल 187 ऐसे मामलों को पकड़ा है जिनमें ट्रैक्टर चालक और वाहन मालिक दोनों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अतिरिक्त पिछले 3 वर्षों के रिकॉर्ड खंगालने पर धौलपुर जिले में कुल 68 रिपीट ऑफेन्डर्स चिन्हित किए गए हैं, जो बार-बार बजरी के अवैध कारोबार में लिप्त पाए गए।
धौलपुर जिला पुलिस ने न केवल तस्करों को जेल भेजा है, बल्कि उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के सबसे कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत आर्थिक चोट भी पहुंचाई है। धौलपुर पुलिस द्वारा अब तक कुल 37 गंभीर प्रकरणों में संगठित अपराध से जुड़ी धारा 112 (2) बीएनएस जोड़ी जा चुकी है, जिसमें वर्ष 2025 के 17 मामले और वर्ष 2026 के 20 मामले शामिल हैं।
इसके अलावा अपराधियों की अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति को कुर्क करने के लिए धौलपुर पुलिस द्वारा धारा 107 बीएनएस के अंतर्गत संबंधित न्यायालयों में 3 इस्तगासे प्रस्तुत किए गए। इनमें से माननीय न्यायालय द्वारा 01 मामले में कुर्की का आदेश भी जारी किया जा चुका है, जबकि 01 मामले में नोटिस जारी हुआ है।
2. *करौली जिला पुलिस की विशेष उपलब्धियां*
करौली जिला पुलिस द्वारा राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र को बचाने और अवैध बजरी खनन, भंडारण व निर्गमन को रोकने के लिए पिछले वर्षों में बेहद प्रभावी कार्रवाई की गई है। जिला पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल द्वारा प्रस्तुत आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 से लेकर मई 2026 तक करौली जिले में कुल 76 आपराधिक मुकदमे दर्ज कर 72 मामलों में न्यायालय के समक्ष चालान पेश किया जा चुका है। केवल 04 मामले वर्तमान में पुलिस अनुसंधान में चल रहे हैं।
बजरी माफिया के नेटवर्क पर प्रहार करते हुए करौली पुलिस ने अब तक कुल 44 वाहन मालिकों और 80 चालकों कुल 124 मुल्जिम को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया है। इन बड़ी कार्यवाहियों के दौरान करौली जिला पुलिस ने चंबल नदी क्षेत्र से अवैध रूप से परिवहन की जा रही कुल 361 टन बजरी को जब्त करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में 122 टन, वर्ष 2024 में 64 टन, वर्ष 2025 में 114 टन और वर्ष 2026 में अब तक 61 टन अवैध बजरी जब्त की गई है।
इसके साथ ही बजरी के अवैध खनन और परिवहन में प्रयुक्त किए जा रहे माफियाओं के कुल 102 वाहनों को पुलिस द्वारा जप्त किया गया है।
*बजरी स्टॉक करने वालों पर भी कार्रवाई*
इसके साथ ही पुलिस की टीम चम्बल बजरी के स्टॉकों को जेसीबी के माध्यम से खुर्द-बुर्द करवा रही है एवं अवैध स्टॉक करने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
*समझाइश भी की जा रही*
पुलिस प्रतिबंधित चम्बल बजरी खनन व परिवहन की रोकथाम में धरपकड़ में लगातार जुटी हुई है और ग्रामीण क्षेत्रों एवं चम्बल किनारे बसे गांवों में आमजन को समझाइश कि जा रही है कि प्रतिबंधित चम्बल बजरी खनन एवं परिवहन में किसी भी प्रकार की संलिप्तता कानूनन अपराध है। आमजन को बताया जा रहा है कि ऐसे कार्यों में प्रयुक्त वाहनों एवं मशीनों के विरुद्ध अब कठोर कार्रवाई की जाएगी। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की पालना में प्रतिबंधित चम्बल बजरी खनन एवं परिवहन में प्रयुक्त वाहनों व मशीनों को संबंधित विभाग द्वारा अब केवल जुर्माना लगाकर रिलीज नहीं किया जा सकेगा। ऐसे मामलों में वाहनों की जब्ती, रजिस्ट्रेशन निरस्तीकरण एवं राजसात की कार्रवाई भी की जाएगी।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे प्रतिबंधित बजरी खनन एवं परिवहन से दूर रहें तथा किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर तुरंत पुलिस को अवगत कराएं, जिससे चम्बल क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण एवं कानून व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
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